नाटो समिट: एर्दोगन ने ट्रंप और मैक्रों को गिफ्ट में दी पिस्टल, जानें क्या है तुर्किए की रणनीति

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नाटो समिट: एर्दोगन ने ट्रंप और मैक्रों को गिफ्ट में दी पिस्टल, जानें क्या है तुर्किए की रणनीति
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तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अंकारा में आयोजित 36वें नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल होने आए मेहमानों को उपहार के रूप में हैंडगन देकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है। इस बात का खुलासा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने किया है। आमतौर पर राष्ट्राध्यक्ष एक-दूसरे को मिठाई, पारंपरिक कपड़े या कीमती धातुएं उपहार में देते हैं, लेकिन राष्ट्रपति एर्दोगन ने हर नेता को एक पिस्टल और उसके साथ गोलियों का डिब्बा भेंट किया। विशेष बात यह थी कि हर पिस्टल पर उसे प्राप्त करने वाले नेता का नाम खुदा हुआ था और इन उपहारों को प्राप्त करने वालों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जैसे दिग्गज नेता भी शामिल हैं।

ब्रिटेन और कनाडा के प्रधानमंत्री नहीं ले जा सके अपना तोहफा

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें एर्दोगन से पिस्टल उपहार में मिली है, लेकिन वे इसे अपने साथ ब्रिटेन नहीं ले जा सके। ब्रिटेन के हथियार कानून बहुत सख्त हैं, जिसके कारण प्रधानमंत्री भी किसी पिस्तौल को निजी सामान के तौर पर साथ नहीं ले जा सकते। इसी वजह से उन्हें अपना यह खास तोहफा तुर्किए में ही छोड़ना पड़ा और इसी तरह कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी इस उपहार को अपने साथ नहीं ले जा पाए। उन्होंने पिस्टल को रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) को सौंप दिया, जबकि गोलियां तुर्किए में ही छोड़ दी गईं। कनाडा के कानूनों और सुरक्षा नीतियों के अनुसार, अब अधिकारी इस उपहार को रखने के लिए किसी सुरक्षित और सही जगह की तलाश करेंगे।

पिस्टल देने के पीछे की ऐतिहासिक और सामरिक वजह

तुर्किए में ऑटोमन साम्राज्य के समय से ही विदेशी मेहमानों और सैन्य अधिकारियों को सजावटी तलवार, खंजर या पिस्टल भेंट करने की परंपरा रही है और इसका मुख्य उद्देश्य मेहमान के प्रति सम्मान प्रकट करना और अपनी सैन्य विरासत का प्रदर्शन करना होता है। वर्तमान समय में तुर्किए रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी शक्ति बनकर उभरा है। वह आज के समय में बाइरकटार और TAI TF कान जैसे उन्नत लड़ाकू ड्रोन, तैफून जैसी बैलिस्टिक मिसाइलें, अल्ताय जैसे युद्धक टैंक और TCG अनादोलु जैसे युद्धपोतों का निर्माण कर रहा है। इसके अलावा तुर्किए छोटे हथियारों जैसे पिस्टल और रिवॉल्वर बनाने में भी दुनिया के अग्रणी देशों में गिना जाता है।

रक्षा उद्योग के लिए नए बाजार की तलाश

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति एर्दोगन नाटो समिट में आए मेहमानों को यह उपहार देकर अपने रक्षा उद्योग की क्षमता दिखा रहे हैं और यह कदम छोटे हथियारों के व्यापार की संभावनाएं तलाशने का एक जरिया हो सकता है। यदि कोई भी राष्ट्राध्यक्ष इन हथियारों की गुणवत्ता से प्रभावित होता है, तो यह तुर्किए की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। हाल ही में एर्दोगन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को एक पत्र लिखकर हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग भी की थी। ऐसे में पिस्टल को उपहार के रूप में चुनना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है, क्योंकि इसे साथ ले जाना अन्य बड़े हथियारों की तुलना में आसान है और यह सैन्य साझेदारी व विश्वास का प्रतीक भी माना जाता है।

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