फ्लाईदुबई पायलट हमला: पीएम नेतन्याहू ने बताया ओमान के को-पायलट ने कैप्टन स्मित को क्यों मारा चाकू

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फ्लाईदुबई पायलट हमला: पीएम नेतन्याहू ने बताया ओमान के को-पायलट ने कैप्टन स्मित को क्यों मारा चाकू
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बुधवार को दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में आसमान के बीचों-बीच एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के भीतर, विमान अचानक हजारों फीट नीचे गिर गया, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। इस अफरा-तफरी की वजह कॉकपिट के अंदर हुआ एक जानलेवा हमला था। ओमान के रहने वाले को-पायलट ने विमान के कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था। कैप्टन स्मित मच्छार, जो एक भारतीय नागरिक हैं, इस हमले में बुरी तरह घायल हो गए और उनके शरीर से काफी खून बहने लगा। विमान के अचानक नीचे गिरने से यात्रियों को लगा कि कोई बड़ी तकनीकी खराबी आ गई है, लेकिन असलियत कॉकपिट के भीतर छिपी थी।

पीएम नेतन्याहू का बड़ा खुलासा

इस गंभीर घटना के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए हमले के पीछे की संभावित वजहों पर रोशनी डाली। नेतन्याहू ने बताया कि शुरुआती जांच और को-पायलट की निजी जानकारी से यह संकेत मिलते हैं कि वह इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से गहराई से प्रभावित था और उन्होंने कहा कि हमें पता है कि उसे इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा की शिक्षा दी गई थी। प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि हमलावर को-पायलट काबू किए जाने के बाद लगातार चिल्ला रहा था कि मुझे मार डालो, मुझे मार डालो। नेतन्याहू के अनुसार, यह स्पष्ट है कि वह व्यक्ति आत्महत्या करना चाहता था और इस बात की पूरी संभावना है कि वह पूरे विमान को ही क्रैश करना चाहता था। उन्होंने कहा कि अगर आप उसकी कट्टरपंथी सोच और बैकग्राउंड को देखें, तो यह एक बड़ा सुराग देता है, हालांकि जांच अभी जारी है।

यात्रियों और डेंटिस्ट ने दिखाई बहादुरी

जब कॉकपिट में हमला हुआ और विमान नीचे गिरने लगा, तब यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अदम्य साहस का परिचय दिया। गवाहों के अनुसार, विमान में सवार इजराइली यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को काबू करने में मदद की। इसी दौरान फ्लाइट में मौजूद एक डेंटिस्ट ने घायल कैप्टन स्मित मच्छार को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया। डेंटिस्ट ने बताया कि कैप्टन के शरीर पर गहरे घाव थे और खून का बहाव बहुत तेज था। अगर समय पर उपचार न मिलता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। सौभाग्य से, विमान में दो रिजर्व पायलट भी मौजूद थे, जिन्होंने तुरंत स्थिति को संभाला और विमान का नियंत्रण अपने हाथों में लिया और इन पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया।

जांच और सुरक्षा पर उठते सवाल

हमलावर को-पायलट ओमान का नागरिक है, जिसका नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। उसे सऊदी अरब से अबू धाबी ले जाया गया है, जहां वह हिरासत में है। संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने कहा है कि वह इस बात की गहन जांच करेगी कि क्या यह घटना आतंकवाद से जुड़ी थी। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या को-पायलट ने अकेले इस साजिश को अंजाम दिया या उसके पीछे कोई संगठन था और इजराइल के लिए सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा चूक को लेकर है। ओमान और इजराइल के बीच कोई औपचारिक संबंध नहीं हैं, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि उस व्यक्ति को इजराइल जाने वाले विमान को उड़ाने की अनुमति कैसे मिली। इजराइली सुरक्षा एजेंसी शिन बेट को यूएई से आने वाले सभी विमान कर्मचारियों की जांच करनी होती है, और अब इस बात की जांच हो रही है कि क्या वहां कोई चूक हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू दोनों ने ही कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की है।

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