बर्लिन | जर्मनी में कोरोनो वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहां के स्वास्थ्य मंत्री जेंस स्फेन ने कहा है कि अप्रेल में देश का हेल्थ सिस्टम अपनी क्षमताओं के पार जा सकता है। पब्लिक हेल्थ बॉडी के प्रमुख ने यहां तक की आशंका जताई है कि अगले माह हर रोज कोरोना के एक लाख मामले सामने आ सकते हैं। उनका कहना है कि देश में आई कोरोना की तीसरी लहर पहली दो लहरों से अधिक घातक साबित हो सकती है। इसको रोकना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने इसकी वजह कई जगहों पर B117 वेरिएंट का मिलना बताया है।
जर्मनी के अखबार डीडब्ल्यू के मुताबिक रोबर्ट कोच इंस्टिट्यूट फॉर इंफेक्शियस डिजीजी के प्रमुख लॉथर वीलर और स्वास्थ्य मंत्री जेंस स्फेन ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं हैं। वीलर ने कहा कि देश में बढ़ते मामलों के बाद ये साफ हो गया है कि जर्मनी कोरोना की तीसरी लहर का सामना कर रहा है, जो पहले से अधिक खतरनाक हो सकती है। इस दौरान उन्होंने लोगों से एक दूसरे से दूरी बनाए रखने और एहतियात बरतने की अपील की है। गौरतलब है कि जर्मनी में अब तक करीब 10 फीसद आबादी को कोरोना की वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। स्फेन का कहना है कि आने वाले दिनों में अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसकी वजह से देश की स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा है कि जिस तेजी के साथ जर्मनी में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उससे हालात खराब होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने यहां तक कहा है कि अप्रैल में ये रिकॉर्ड संख्या में सामने आ सकते हैं। स्फेन के मुताबिक यात्रियों के कोविड-19 टेस्ट को फिलहाल टाल दिया गया है। लेकिन मंगलवार से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को विमान पर सवार होने से पहले अपनी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी जरूरी होगी। उन्होंने ये भी कहा है कि बाहर से आने वाले यात्रियों से कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने में कोई खास फर्क नहीं आया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है उन्हें इस बात में कोई शक नहीं है जिन एहतियातों के बारे में कहा जा रहा है उससे संक्रमण की रफ्तार पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा। न ही ये कोई गेम चेंजर साबित होने वाली हैं। बावजूद इसके ये काफी खतरनाक हालात हैं और जर्मनी में संक्रमण की रफ्तार तेज हो रही है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वीलर ने कहा कि यदि जरूरी उपाय नहीं अपनाए गए तो हर रोज एक लाख मामले सामने आ सकते हैं। जर्मनी में एक सप्ताह के दौरान 4 हजार नए मामले सामने आ चुके हैं।