फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फुटबॉल जगत को तब बड़ा झटका लगा जब चार बार की विश्व विजेता जर्मनी की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। सोमवार को फॉक्सबोरो में खेले गए एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पराग्वे ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। यह वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार हुआ है जब जर्मनी जैसी दिग्गज टीम को पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा हो। एक्स्ट्रा टाइम के बाद भी स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहने के कारण मैच का फैसला पेनल्टी से हुआ, जो इस वर्ल्ड कप का पहला ऐसा मुकाबला रहा।
मैच का घटनाक्रम और शुरुआती बढ़त
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पराग्वे की ओर से 22 साल के युवा अटैकिंग मिफ़ील्डर हुलियो एनसीसो ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने हाफ टाइम से ठीक पहले एक बेहतरीन हेडर के जरिए गोल दागकर पराग्वे को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल ने जर्मनी के खेमे में खलबली मचा दी। हालांकि, जर्मनी ने दूसरे हाफ में वापसी की कोशिशें तेज कर दीं। मैच के 54वें मिनट में काई हावेर्ट्ज़ ने एक शानदार गोल करके जर्मनी को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इसके बाद निर्धारित समय तक कोई और गोल नहीं हो सका और मैच एक्स्ट्रा टाइम में चला गया।
VAR का फैसला और रद्द हुआ गोल
एक्स्ट्रा टाइम के दौरान भी रोमांच अपने चरम पर था। जर्मनी के जोनाथन ताह ने गेंद को गोल पोस्ट में डालकर अपनी टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया था, लेकिन खुशियां ज्यादा देर नहीं टिकीं। रेफरी ने वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद ली और रिव्यू के बाद इस गोल को रद्द कर दिया गया। रेफरी का मानना था कि जर्मनी के खिलाड़ी वाल्डेमार एंटोन ने पराग्वे के गोलकीपर गिल के खिलाफ फाउल किया था। इस फैसले के कारण स्कोर 1-1 ही रहा और अंततः मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंच गया।
पेनल्टी शूटआउट का उतार-चढ़ाव
शूटआउट की शुरुआत जर्मनी ने की, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। काई हैवर्ट्ज़ की पहली ही पेनल्टी को पराग्वे के गोलकीपर ने रोक लिया। इसके तुरंत बाद मॉरिसियो ने गोल कर पराग्वे को 1-0 की बढ़त दिला दी। जर्मनी के जोशुआ किमिख ने अगली पेनल्टी पर गोल कर स्कोर 1-1 किया। रोमांच तब बढ़ा जब गुस्तावो गोमेज़ ने पराग्वे के लिए गोल किया और जमाल मुसियाला ने जर्मनी के लिए स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद मटियास गैलार्ज़ा ने गोल कर पराग्वे को 3-2 से आगे कर दिया, जबकि जर्मनी के निक वोल्टेमेड अपना शॉट चूक गए।
पराग्वे की ऐतिहासिक जीत
जब ऐसा लग रहा था कि पराग्वे जीत जाएगा, तब एंटोनियो सनाब्रिया का शॉट रुक गया और नादिम अमीरी ने गोल कर स्कोर 3-3 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद मैनुअल नोयर ने पराग्वे के फेबियन बालबुएना की पेनल्टी रोककर जर्मनी की उम्मीदें जिंदा रखीं। लेकिन अंत में जोसे कनाले ने कोई गलती नहीं की और दबाव के बीच शानदार पेनल्टी लगाकर अपनी टीम को 4-3 से जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही पराग्वे ने जर्मनी का सफर खत्म कर दिया।
रैंकिंग का अंतर और जर्मनी का खराब दौर
जर्मनी के लिए यह हार किसी सदमे से कम नहीं है क्योंकि वे 2014 में चैंपियन बनने के बाद पहली बार नॉकआउट राउंड खेल रहे थे। इससे पहले 2018 और 2022 में वे ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गए थे। आंकड़ों की बात करें तो पराग्वे फीफा रैंकिंग में 41वें स्थान पर है, जो जर्मनी से 31 स्थान नीचे है। अब राउंड ऑफ 16 में पराग्वे का मुकाबला फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मैच की विजेता टीम से होगा।