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गाजियाबाद एनकाउंटर: मुख्य आरोपी असद ढेर, सूर्या की मां ने की बाकी 6 के एनकाउंटर और बुलडोजर की मांग

गाजियाबाद एनकाउंटर: मुख्य आरोपी असद ढेर, सूर्या की मां ने की बाकी 6 के एनकाउंटर और बुलडोजर की मांग
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गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। असद पर पुलिस ने 50000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इस एनकाउंटर के बाद मृतक सूर्या की मां सरोज और उनके पड़ोसियों ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। सरोज ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि जिस तरह मुख्य आरोपी का अंत हुआ है, उसी तरह बाकी बचे छह आरोपियों का भी एनकाउंटर किया जाना चाहिए और उन्होंने सरकार से सभी आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और उनकी संपत्ति जब्त करने की भी सख्त अपील की है।

पीड़ित मां का दर्द और इंसाफ की गुहार

खोड़ा क्षेत्र में रहने वाली सरोज का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने बेटे सूर्या को खोने के बाद उन्होंने कहा कि सात लोगों ने मिलकर मेरे बेटे को मारा है और अभी सिर्फ एक का एनकाउंटर हुआ है। उन्होंने कहा कि वह मुख्य आरोपी असद की तस्वीर देखना चाहती हैं ताकि उनके कलेजे को थोड़ी ठंडक मिल सके। सरोज ने मांग की कि बाकी बचे आरोपियों का भी ऐसा ही एनकाउंटर होना चाहिए और सबके घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनके यहां तो पांच 5-6 बच्चे होते हैं, लेकिन उन्होंने मेरे घर का तो इकलौता चिराग बुझा दिया है। उनके परिवार वालों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

सूर्या के पड़ोसी अंकित ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का समर्थन किया है लेकिन इसे अधूरा बताया है। अंकित का कहना है कि पुलिस ने एक आरोपी को ढेर करके अच्छा काम किया है, लेकिन न्याय तब पूरा होगा जब बाकी बचे छह आरोपियों का भी एनकाउंटर हो। उन्होंने मांग की है कि हर एक आरोपी की संपत्ति जब्त की जाए और उनके घरों को बुलडोजर से ढहा दिया जाए और स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से ही अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा।

क्या था सूर्या चौहान हत्याकांड का पूरा मामला?

यह पूरी घटना बीती 28 मई 2026 को बकरीद के दिन खोड़ा के नवनीत विहार इलाके में हुई थी। असद नामक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्या चौहान पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया था। इस नृशंस हमले के बाद सूर्या को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था। इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। परिजनों और हिंदूवादी संगठनों ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया था और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की थी जिसमें 5 लोगों को नामजद किया गया था। इनमें से 3 आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

चेकिंग के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ की कहानी

मुख्य आरोपी असद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी और उस पर 50000 रुपये का इनाम भी रखा गया था। पुलिस उपायुक्त (DCP) धवल जायसवाल ने मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि असद अपने साथियों से पैसे लेकर शहर से बाहर भागने की फिराक में है। वह वसुंधरा और खोड़ा क्षेत्र की तरफ आने वाला था। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तत्काल बैरियर लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।

इसी दौरान असद अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया। जब पुलिस टीम ने उसे घेरने की कोशिश की और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, तो उसने पुलिस पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद को गोलियां लगीं और वह घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। घायल असद को अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है ताकि 28 मई 2026 की उस काली रात के सभी गुनहगारों को सजा मिल सके।

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