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गाजियाबाद सूर्या चौहान हत्याकांड: मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर, साथी फरार

गाजियाबाद सूर्या चौहान हत्याकांड: मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर, साथी फरार
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद कमिश्नरेट के अंतर्गत खोड़ा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया है। सूर्या चौहान पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी निर्मम हत्या करने के बाद से ही आरोपी असद लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था। यह मुठभेड़ गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस और बदमाशों के बीच सीधी फायरिंग हुई।

बकरीद के दिन हुई थी सूर्या की हत्या

इस पूरे मामले की शुरुआत 28 मई 2026 को हुई थी, जिस दिन देशभर में बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा था। खोड़ा थाना क्षेत्र के नवनीत विहार इलाके में असद नामक युवक ने सूर्या चौहान पर चाकुओं से गोदकर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में सूर्या गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सूर्या की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया। इस हत्याकांड के बाद स्थानीय निवासियों और परिजनों में भारी रोष व्याप्त था और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।

परिजनों और संगठनों का उग्र प्रदर्शन

सूर्या चौहान की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। मृतक के परिजनों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और मुख्य आरोपी का एनकाउंटर किया जाए। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर इस मामले में कुल 5 लोगों को अभियुक्त बनाया था। पुलिस की सक्रियता के चलते इस मामले में 3 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, लेकिन मुख्य आरोपी असद पुलिस की पकड़ से बाहर था।

मुठभेड़ का घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई

नगर, ट्रांस हिंडन और मुख्यालय के पुलिस उपायुक्त (DCP) धवल जायसवाल ने इस मुठभेड़ के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी असद लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस की खुफिया इकाइयों को सूचना मिली थी कि असद अपने कुछ साथियों से पैसे लेकर शहर से बाहर भागने की फिराक में है और वह खोड़ा क्षेत्र के आसपास आने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस की कई टीमों ने पूरे क्षेत्र में घेराबंदी की और सघन चेकिंग अभियान यानी कॉम्बिंग शुरू की।

इसी दौरान वसुंधरा क्षेत्र में पुलिस को एक मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए, जिनमें से एक की पहचान असद के रूप में हुई। पुलिस टीम ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, तो असद ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में पुलिस का एक कांस्टेबल घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें असद को गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।

अस्पताल में मौत और फरार साथी की तलाश

घायल असद को पुलिस द्वारा तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, इस मुठभेड़ के दौरान असद का दूसरा साथी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। साथ ही, मारे गए आरोपी असद के पुराने आपराधिक इतिहास की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि उसके अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके।

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