सर्दियों में सस्ती होगी कॉफी की चुस्की, वैश्विक बाजार में कीमतों में भारी गिरावट

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सर्दियों में सस्ती होगी कॉफी की चुस्की, वैश्विक बाजार में कीमतों में भारी गिरावट
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अगर आप कॉफी पीने के शौकीन हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। बीते कुछ दिनों में कॉफी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में भारत में कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली सर्दियों के दौरान कॉफी की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है और जानकारों का मानना है कि पूरी दुनिया में जितनी कॉफी की खपत है, उससे कहीं ज्यादा कॉफी का उत्पादन हो चुका है। सप्लाई ज्यादा होने की वजह से कॉफी की कीमतों में गिरावट देखी गई है, जिसका असर दुनिया के बाकी बाजारों में जल्द ही देखने को मिलेगा। वैसे दुनिया के तमाम बाजारों में कॉफी का मार्केट लगातार बढ़ रहा है। अनुमान के अनुसार साल 2033 तक कॉफी का मार्केट 375 अरब 50 करोड़ डॉलर तक पहुंच सकता है, जो कि मौजूदा अनुमानित आंकड़े से 126 अरब डॉलर से भी ज्यादा है। मौजूदा समय में ग्लोबल कॉफी का मार्केट करीब 263 अरब डॉलर से ज्यादा है।

कॉफी की कीमतों में आई कमी के मुख्य कारण

सितंबर के महीने में दुनिया भर में कॉफी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वास्तव में ब्राजील से सप्लाई बढ़ने और ग्लोबल लेवल पर सरप्लस यानी अतिरिक्त स्टॉक की उम्मीदों का बाजार पर गहरा असर पड़ा है। हालांकि, ‘द इंफॉर्मिस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल कॉफी ऑर्गनाइजेशन (ICO) की मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अल नीनो को लेकर अनिश्चितता और सर्टिफाइड अरेबिका स्टॉक की कमी ने कीमतों को कुछ सहारा जरूर दिया। सितंबर में ऑर्गनाइजेशन के कम्पोजिट इंडिकेटर की औसत कीमत 262 सेंट 18 पैसे प्रति पाउंड रही, जो अगस्त के 287 सेंट 29 पैसे प्रति पाउंड से 8 फीसदी 70 कम है।

अगस्त के आखिर तक ब्राजील में फसल की कटाई लगभग पूरी हो चुकी थी, जिससे भरपूर सप्लाई की उम्मीदें और बढ़ गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंसल्टेंसी ‘साफ्रास एंड मर्काडो’ ने बताया कि 26 अगस्त तक देश में 97 फीसदी फसल की कटाई पूरी हो चुकी थी। ब्राजील की नेशनल सप्लाई कंपनी (CONAB) ने 24 सितंबर को देश की 2026 की कॉफी फसल के अनुमान को बढ़ाकर रिकॉर्ड 67 मिलियन 6 लाख बैग कर दिया। हालांकि, ICO ने कहा कि कटाई के दौरान हुई बारिश ने बीन्स की क्वालिटी पर असर डाला, जिससे अलग-अलग ग्रेड की उपलब्धता में असमानता पैदा हुई है।

कॉफी के सभी इंडिकेटर्स में देखी गई गिरावट

ICO द्वारा ट्रैक किए जाने वाले सभी चार ग्रुप इंडिकेटर सितंबर में गिरे हैं, जो बाजार में व्यापक कमजोरी को दर्शाते हैं। कोलंबियन माइल्ड्स की कीमतें अगस्त से 8 फीसदी 10 गिरकर औसतन 356 सेंट 15 पैसे प्रति पाउंड हो गईं। ‘अदर माइल्ड्स’ की कीमतें 8 फीसदी 80 गिरकर 329 सेंट 44 पैसे प्रति पाउंड हो गईं। वहीं ‘ब्राजीलियन नैचुरल्स’ की कीमतें 9 फीसदी 90 गिरकर 290 सेंट 19 पैसे प्रति पाउंड हो गईं। इस महीने रोबस्टा की कीमतें 7 फीसदी 30 गिरकर 167 सेंट 49 पैसे प्रति पाउंड हो गईं। सितंबर में कोलंबियन माइल्ड्स और ‘अदर माइल्ड्स’ के बीच कीमत का अंतर महीने-दर-महीने 2 फीसदी 10 बढ़कर 26 सेंट 71 पैसे प्रति पाउंड हो गया। इस बीच, रिपोर्ट से पता चला कि लंदन और न्यूयॉर्क फ्यूचर्स मार्केट के बीच आर्बिट्रेज यानी कीमतों का अंतर 13 फीसदी 20 घटकर 126 सेंट 40 पैसे प्रति पाउंड हो गया।

ग्लोबल कॉफी एक्सपोर्ट में जबरदस्त बढ़ोतरी

अगस्त में ग्लोबल ग्रीन कॉफी बीन का एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 15 फीसदी 60 बढ़कर 10 मिलियन 94 लाख बैग हो गया, जबकि एक साल पहले यह 9 मिलियन 46 लाख बैग था। कोलंबियन माइल्ड्स को छोड़कर सभी कॉफी ग्रुप्स के एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी हुई है। रोबस्टा का शिपमेंट एक साल पहले के मुकाबले 22 फीसदी 40 बढ़कर 4 मिलियन 36 लाख बैग हो गया, जबकि ब्राजीलियन नैचुरल्स का एक्सपोर्ट 21 फीसदी 30 बढ़कर 3 मिलियन 57 लाख बैग हो गया। कोलंबियन माइल्ड्स का एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 5 फीसदी 60 घटकर 1 मिलियन 9 लाख बैग रह गया। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हर बैग का वजन 60 किलोग्राम होता है।

कॉफी के सभी रूपों को मिलाकर, अगस्त में ग्लोबल एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 14 फीसदी 60 बढ़कर 12 मिलियन 55 लाख बैग हो गया। अगस्त में अलग-अलग सेक्टर्स में कॉफी एक्सपोर्ट में मिली-जुली स्थिति देखी गई। एशिया-ओशिनिया और दक्षिण अमेरिका में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एशिया और ओशिनिया से शिपमेंट सालाना आधार पर 23 फीसदी 10 बढ़कर 4 मिलियन 3 लाख बैग हो गया। दक्षिण अमेरिका का एक्सपोर्ट 20 फीसदी 20 बढ़कर 5 मिलियन 98 लाख बैग हो गया। इसके उलट, अफ्रीका से एक्सपोर्ट 1 फीसदी 80 घटकर 1 मिलियन 74 लाख बैग रह गया। कैरिबियन, मैक्सिको और मध्य अमेरिका से शिपमेंट 14 फीसदी 30 घटकर 790000 बैग रह गया।

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