भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार को कीमती धातुओं की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सोने और चांदी के भाव में भारी उछाल देखा गया और यह लगातार दूसरा दिन है जब बाजार में मजबूत रिकवरी दर्ज की गई है, जो पिछले सप्ताह की भारी बिकवाली और बाजार सुधार (Correction) के बाद आई है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में ₹14,300 प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है, जबकि सोने की कीमतों में ₹7,400 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
घरेलू बाजार में कीमतों का विस्तृत विवरण
03% की बढ़त के साथ ₹2,98,300 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,84,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। 69% की वृद्धि देखी गई। सोने का भाव ₹7,400 बढ़कर ₹1,65,100 प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया, जबकि मंगलवार को इसका बंद भाव ₹1,57,700 प्रति 10 ग्राम था। विश्लेषकों के अनुसार, यह तेजी घरेलू मांग और वैश्विक संकेतों के मेल का परिणाम है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती के संकेत
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार हलचल देखी जा रही है। 35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। 07 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितताओं ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को सुरक्षित निवेश के विकल्पों की ओर आकर्षित किया है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार की कीमतों पर भी पड़ा है।
भू-राजनीतिक तनाव और बाजार पर प्रभाव
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को फिर से सुरक्षित संपत्तियों (Safe-haven assets) की ओर धकेला है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते टकराव ने परमाणु वार्ता की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के तनाव सोने में रिस्क प्रीमियम को बढ़ाते हैं, जिससे कीमतों में उछाल आता है।
बाजार विश्लेषकों का दृष्टिकोण
लेमॉन मार्केट्स के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, पिछले कुछ सत्रों में देखी गई गिरावट के बाद बुधवार को बाजार में तकनीकी रिकवरी और मौलिक कारणों से मजबूती आई है। 6 लाख प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास पहुंच गया है, जबकि चांदी ने इंट्रा-डे कारोबार में लगभग 6% की छलांग लगाई है। विश्लेषकों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निष्कर्ष के तौर पर, वर्तमान में सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक तनाव और मुद्रा बाजार की स्थितियों से प्रेरित है। सर्राफा बाजार में आई इस अचानक तेजी ने पिछले सप्ताह के नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर दी है। बाजार के जानकारों के अनुसार, जब तक वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता नहीं आती, तब तक कीमती धातुओं की कीमतों में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।