विज्ञापन

सोना ₹4,900 और चांदी ₹11,250 महंगी, वैश्विक संकेतों से कीमतों में बड़ा उछाल

सोना ₹4,900 और चांदी ₹11,250 महंगी, वैश्विक संकेतों से कीमतों में बड़ा उछाल
विज्ञापन

वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की भारी बढ़त देखी गई, जबकि सोने की कीमतों में भी 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। इस उछाल के पीछे मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम की खबरें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की स्थिति में बदलाव को माना जा रहा है।

89 प्रतिशत की छलांग लगाकर 2,41,250 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इसमें सभी लागू कर शामिल हैं। इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी। 38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह 1,49,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में सोना 1,44,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

घरेलू सर्राफा बाजार में कीमतों का विस्तृत विवरण

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को सर्राफा बाजार खुलते ही कीमती धातुओं की मांग में तेजी देखी गई और ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, स्थानीय मांग और वैश्विक रुझानों के मेल ने कीमतों को रिकॉर्ड स्तर की ओर धकेल दिया है। चांदी में आई 11,250 रुपये की तेजी हाल के महीनों की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक मांग और निवेश के उद्देश्य से की गई खरीदारी ने भी इन कीमतों को सहारा दिया है और 50 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचा दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं का प्रदर्शन

वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती का रुख बना रहा और 55 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज की गई। 67 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। वैश्विक विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के दबाव के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वैश्विक कीमतों में यह उछाल देखने को मिल रहा है।

भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिका-ईरान प्रस्ताव

कीमतों में इस अचानक तेजी का एक बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव में नरमी की उम्मीदों को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान को तनाव कम करने के लिए एक 15-सूत्रीय प्रस्ताव दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संभावित समझौते की ओर दिए गए सकारात्मक संकेतों ने बाजार में एक नई दिशा तय की है और हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर फिलहाल किसी भी बातचीत से इनकार किया है। इस कूटनीतिक हलचल ने वैश्विक निवेशकों के बीच सोने की मांग को प्रभावित किया है, क्योंकि युद्ध की आशंका कम होने से बाजार की धारणा में बदलाव आया है।

कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर का प्रभाव

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी सोने की कीमतों को मजबूती प्रदान की है। जब कच्चे तेल की कीमतें गिरती हैं और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव होता है, तो इसका सीधा असर कीमती धातुओं की मांग पर पड़ता है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की उम्मीदों ने डॉलर में नरमी पैदा की है, जिससे अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है और इसकी मांग बढ़ जाती है। घरेलू बाजार में पिछले कुछ सत्रों से सोने की कीमतों में जो रिकवरी देखी जा रही थी, उसे इन वैश्विक कारकों से अतिरिक्त बल मिला है।

होरमुज जलडमरूमध्य और व्यापारिक अनिश्चितता

बाजार में तेजी के बीच कुछ चिंताएं भी बनी हुई हैं। होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर ईरान द्वारा ट्रांजिट शुल्क लगाए जाने की खबरों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और व्यापारिक मार्गों को लेकर अनिश्चितता पैदा की है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नया शुल्क या प्रतिबंध वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की खबरें निवेशकों को सतर्क रखती हैं, जिससे सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बना रहता है।

विज्ञापन