अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में पिछले तीन दिनों से जारी भारी गिरावट के बाद मंगलवार, 3 फरवरी को जोरदार रिकवरी देखी गई है। हाजिर सोने की कीमतों में 4% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह 4830 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। 74 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई। यह सुधार उस समय आया है जब बाजार पिछले सप्ताह की ऐतिहासिक गिरावट से उबरने की कोशिश कर रहा है।
ऐतिहासिक गिरावट के बाद बाजार की स्थिति
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 30 जनवरी को हाजिर सोने की कीमतों में लगभग 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। विश्लेषकों का कहना है कि यह 1983 के बाद से एक दिन में होने वाली सबसे बड़ी गिरावट थी। इस मंदी के कारण सोने की कीमतें 5000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गई थीं। चांदी की स्थिति और भी गंभीर थी, जहां एक ही सत्र में कीमतों में 27% की गिरावट देखी गई, जो अब तक की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट मानी जा रही है। पिछले दो सत्रों के दौरान, सोने में कुल 13% और चांदी में लगभग 34% की कमी आई थी।
अमेरिकी नीतिगत निर्णयों का कीमतों पर प्रभाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में इस अस्थिरता के पीछे कई प्रमुख कारण रहे हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को अगले फेडरल रिजर्व चेयर के रूप में नामित किए जाने के फैसले ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इसके अतिरिक्त, सीएमई (CME) ग्रुप द्वारा कीमती धातुओं के फ्यूचर्स के लिए मार्जिन आवश्यकताओं को बढ़ाने के निर्णय ने भी बिकवाली के दबाव को तेज कर दिया था और इन कारकों के संयोजन ने निवेशकों को बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग के लिए प्रेरित किया, जिससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गईं।
रिकॉर्ड ऊंचाई से सुधार का विश्लेषण
82 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। हालांकि, हालिया बिकवाली के दौर में कीमतें गिरकर 4700 डॉलर के स्तर तक आ गई थीं, जो लगभग 900 डॉलर की शुद्ध गिरावट को दर्शाता है। विश्लेषकों के अनुसार, आज की रिकवरी को तकनीकी सुधार और निचले स्तरों पर खरीदारी के रूप में देखा जा रहा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी गिरावट के बाद कीमतों में इस तरह की वापसी स्वाभाविक है, क्योंकि व्यापारी अब अपनी शॉर्ट पोजीशन को कवर कर रहे हैं।
विश्लेषकों का दृष्टिकोण और बाजार निष्कर्ष
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वर्तमान में सोने और चांदी की कीमतों में आई तेजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हालांकि कीमतों ने 5000 डॉलर के स्तर को फिर से हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, लेकिन बाजार में अभी भी सावधानी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों पर बाजार की चाल निर्भर करेगी। फिलहाल, मंगलवार की रिकवरी ने बाजार को कुछ राहत प्रदान की है, लेकिन अस्थिरता बनी रहने की संभावना है।