राजस्थान के डीग जिले में प्रसिद्ध गोवर्धन महाराज की 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जब एक पहाड़ी ने अचानक भीषण आग की लपटों को अपनी चपेट में ले लिया। यह घटना कामां क्षेत्र के कलावटा गांव में स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की व्योमासुर गुफा के पास घटित हुई है। इस आग ने न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि वहां मौजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की चिंता को भी काफी बढ़ा दिया है। पहाड़ी क्षेत्र में आग लगने की खबर मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
तेजी से फैलती आग और प्रशासनिक सतर्कता
पहाड़ पर मौजूद भारी मात्रा में सूखी घास और झाड़ियों के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की उठती हुई ऊंची लपटों को देखकर ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। किसी भी प्रकार की बड़ी अनहोनी या बिजली के तारों से निकलने वाली चिंगारी से स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए, प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उस पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह से बंद कर दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि बचाव कार्य के दौरान किसी भी प्रकार का विद्युत हादसा न हो सके।
प्रशासन और ग्रामीणों का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया और वन विभाग की टीम के साथ दमकल की गाड़ियों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों के साथ मिलकर सरकारी अधिकारी और कर्मचारी आग पर काबू पाने की कड़ी जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। हालांकि, क्षेत्र में चल रही तेज हवाओं के चलते आग बुझाने के कार्य में काफी बाधाएं आ रही हैं, जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है। पहाड़ी रास्ता होने के कारण दमकल की गाड़ियों को भी आग के मुख्य केंद्र तक पहुँचने में मशक्कत करनी पड़ रही है।
धार्मिक स्थल की सुरक्षा और श्रद्धालुओं के लिए निर्देश
व्योमासुर गुफा का ब्रज परिक्रमा मार्ग में एक विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, जिसके कारण हर दिन यहाँ से भारी संख्या में श्रद्धालु गुजरते हैं। परिक्रमा मार्ग पर एहतियात के तौर पर सतर्कता को काफी बढ़ा दिया गया है और लोगों को उस विशेष पहाड़ी क्षेत्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी के घायल होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
जांच और अफवाहों से बचने की अपील
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें स्थिति पर पूरी तरह अपनी नजर बनाए हुए हैं। पवित्र परिक्रमा मार्ग को सुरक्षित करने और आग को जल्द से जल्द पूरी तरह शांत करने के प्रयास निरंतर जारी हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। आग बुझने के बाद वन विभाग द्वारा नुकसान का आकलन किया जाएगा और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।