गुरुग्राम में मानसून की पहली बारिश से हाहाकार, एनएच 48 पर लगा 10 किलोमीटर लंबा जाम

Add as Preferred Source on Google News
विज्ञापन
गुरुग्राम में मानसून की पहली बारिश से हाहाकार, एनएच 48 पर लगा 10 किलोमीटर लंबा जाम
विज्ञापन

मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के प्रमुख शहर गुरुग्राम की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार दोपहर को हुई तेज बारिश के बाद शहर के हालात बेहाल हो गए और कई प्रमुख मार्गों, अंडरपास और हाईवे पर भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इस बारिश का सबसे भयावह असर दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर देखने को मिला, जहां कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। जलभराव और सड़क धंसने की घटना के कारण वाहन घंटों तक रेंगते रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

एनएच 48 पर सड़क धंसी और लगा 10 किलोमीटर लंबा जाम

मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली से जयपुर जाने वाले मार्ग पर सनबीम कंपनी के पास अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़क की संरचना कमजोर हो गई थी, जिसके परिणामस्वरूप यह हादसा हुआ और यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। सड़क धंसने के बाद इफको चौक से लेकर नरसिंहपुर तक करीब 8 से 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस भीषण जाम में ऑफिस से घर लौट रहे कर्मचारी, स्कूली बच्चे और अन्य यात्री घंटों फंसे रहे। वाहनों की लंबी कतारों के कारण स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।

ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी और वैकल्पिक मार्ग

बिगड़ते हालात को देखते हुए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने तुरंत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की और पुलिस ने दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सलाह दी कि वे राजीव चौक से बाईं ओर मुड़कर सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) का उपयोग करें। इसी तरह, हीरो होंडा चौक से भी एसपीआर के रास्ते जाने का सुझाव दिया गया। दिल्ली से गुरुग्राम आने वाले लोगों को द्वारका एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया ताकि वे एनएच-48 पर लगे भारी जाम से बच सकें। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें।

वीआईपी इलाकों और प्रमुख सड़कों पर जलभराव

बारिश का कहर केवल हाईवे तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के कई पॉश और वीआईपी इलाकों में भी भारी जलभराव देखा गया। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और गुरुग्राम के उपायुक्त (डीसी) के आवास के बाहर भी सड़कों पर भारी पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण सड़कों पर बने गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे थे, जिनमें कई वाहन फंस गए। इस स्थिति ने एक बार फिर नगर निगम और प्रशासन द्वारा मानसून से पहले किए गए दावों की पोल खोल दी है। शहर की जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई नजर आई, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।

इन इलाकों में यातायात रहा सबसे ज्यादा प्रभावित

द्वारका एक्सप्रेसवे के क्लोवरलीफ इंटरचेंज पर भी वाहनों का भारी दबाव देखा गया। सरहौल से दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इसके अलावा हीरो होंडा चौक, मानेसर-दिल्ली मार्ग, इफको चौक, सिकंदरपुर, गोल्फ कोर्स रोड, सेक्टर-54, पटौदी रोड, पुरानी गुरुग्राम-दिल्ली रोड, ओल्ड रेलवे स्टेशन रोड और न्यू रेलवे स्टेशन रोड पर भी यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त रही। इन सभी इलाकों में पानी भरने के कारण वाहनों की गति अत्यंत धीमी हो गई थी।

प्रशासनिक तैयारियां और पुलिस की तैनाती

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में यातायात को सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस की टीमें लगातार जाम वाले इलाकों की निगरानी कर रही हैं और फंसे हुए वाहनों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि वे नगर निगम के साथ मिलकर पंप और सक्शन टैंकरों के जरिए पानी निकालने का काम कर रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की संभावना जताई है, जिससे शहरवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलने की सलाह दी है।

विज्ञापन