वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम को मिली करारी हार ने टीम की गेंदबाजी रणनीति पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय टीम ने इस मैच में 351 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, लेकिन इसके बावजूद गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण टीम को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद भारत के पूर्व टेस्ट बल्लेबाज हनुमा विहारी ने सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट को कड़ी चेतावनी दी है। विहारी का मानना है कि अगर टीम इंडिया को 2027 का वनडे वर्ल्ड कप जीतना है, तो उसे अपनी गेंदबाजी इकाई में बड़े बदलाव करने होंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि टीम इंडिया सिर्फ जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या के भरोसे वर्ल्ड कप नहीं जीत सकती।
अनुभवी गेंदबाजों की कमी और विहारी की चेतावनी
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए हनुमा विहारी ने तीसरे वनडे में भारतीय गेंदबाजों के महंगे स्पेल पर अपनी निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब वेस्टइंडीज जैसी टीम, जो मुख्य वर्ल्ड कप का हिस्सा भी नहीं है, भारतीय गेंदबाजी की धज्जियां उड़ा सकती है, तो ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी दिग्गज टीमों के सामने भारतीय गेंदबाजों का क्या हाल होगा। विहारी ने इस हार को टीम इंडिया के लिए एक खतरे की घंटी बताया है। उनका कहना है कि 350 रन का बचाव न कर पाना यह दर्शाता है कि टीम आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर जा रही है। उन्होंने गेंदबाजी की गंभीरता से समीक्षा करने की मांग की है।
युवा गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल
विहारी ने तीसरे वनडे में अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़ और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे युवा गेंदबाजों के महंगे ओवरों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपाट पिचों पर अनुभवहीन युवा गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव नहीं झेल पा रहे हैं। विहारी के अनुसार, नई गेंद और पावरप्ले में विकेट निकालने के लिए अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2023 में बुमराह, शमी और सिराज की तिकड़ी ने पावरप्ले में विकेट निकालने की समस्या को सुलझा दिया था, लेकिन अब बुमराह के वर्कलोड और सिराज की फॉर्म में निरंतरता की कमी के कारण यह समस्या फिर से खड़ी हो गई है।
भुवनेश्वर और शमी की वापसी की वकालत
हनुमा विहारी ने जोर देकर कहा कि टीम को सिर्फ बुमराह और हार्दिक पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी मुख्य गेंदबाज को चोट लग जाती है, तो टीम के पास एक ठोस बैकअप होना चाहिए और विहारी ने भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी को तुरंत वनडे टीम में वापस लाने की जोरदार वकालत की है। उनका मानना है कि जब टीम को ब्रेकथ्रू की जरूरत होती है, तो अनुभवी गेंदबाज ही काम आते हैं। विहारी ने कहा कि अनुभव के साथ जाना ही टीम के लिए सबसे बेहतर विकल्प होगा।
भुवनेश्वर कुमार की शानदार फॉर्म
भुवनेश्वर कुमार के बारे में बात करते हुए विहारी ने उनके हालिया प्रदर्शन का जिक्र किया। भुवनेश्वर ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे 2022 में खेला था, लेकिन आईपीएल में उन्होंने शानदार वापसी की है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर ने 2025 और 2026 के आईपीएल सीजन में 30 मैचों में 45 विकेट चटकाए हैं। विहारी का मानना है कि भुवी के पास नई गेंद से जो कंट्रोल और स्विंग है, वह इस समय भारतीय तेज गेंदबाजी से गायब है। उन्होंने कहा कि भुवी की वापसी से टीम की गेंदबाजी में वह धार वापस आ सकती है जिसकी कमी वर्तमान में खल रही है।