विज्ञापन

हनुमानगढ़ में 11 पिस्टल और 22 मैगजीन बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

हनुमानगढ़ में 11 पिस्टल और 22 मैगजीन बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी सफलता प्राप्त की है और बीकानेर रेंज पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 11 पिस्टल और 22 मैगजीन बरामद की गई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह बीकानेर रेंज में हथियारों की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक मानी जा रही है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी पंजाब के रहने वाले हैं और उनके तार अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।

पुलिस की विशेष नाकाबंदी और गिरफ्तारी

बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश और हनुमानगढ़ एसपी हरिशंकर के अनुसार, टाउन थाना पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि दो संदिग्ध युवक अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप लेकर राजस्थान के रास्ते पंजाब की ओर जा रहे हैं और इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लखूवाली चौकी प्रभारी एएसआई किशोर मान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने क्षेत्र में सघन नाकाबंदी शुरू की। नाकाबंदी के दौरान पुलिस को देखकर दो युवक एक निजी बस से उतरकर आईजीएनपी नहर के पटड़े की ओर पैदल भागने लगे। पुलिस दल ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर दोनों को हिरासत में ले लिया और तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद बैग से 11 अवैध पिस्टल और 22 मैगजीन बरामद हुईं।

बम्बिहा गैंग से संबंधों का खुलासा

प्रारंभिक पूछताछ और जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी, अमनदीप उर्फ कैप्टन और पवनदीप उर्फ बिल्ला, कुख्यात बम्बिहा गैंग से जुड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये आरोपी पंजाब की एक जेल में बंद अपराधी विशाल के सीधे संपर्क में थे। विशाल के निर्देशों पर ही हथियारों की इस खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाया जा रहा था। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इन हथियारों का उपयोग पंजाब या राजस्थान में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए किया जाना था या नहीं। आरोपियों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स को भी खंगाला जा रहा है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।

मध्य प्रदेश से पंजाब तक का तस्करी मार्ग

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि बरामद किए गए हथियार मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से लाए गए थे और तस्करों ने हथियारों को पंजाब में सप्लाई करने की योजना बनाई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध हथियारों की तस्करी के लिए तस्कर अक्सर सार्वजनिक परिवहन और ग्रामीण रास्तों का उपयोग करते हैं ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। हनुमानगढ़ का भौगोलिक क्षेत्र पंजाब और हरियाणा की सीमाओं से सटा होने के कारण तस्कर इसे एक ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास करते हैं। पुलिस अब इंदौर में उन स्रोतों की पहचान करने में जुटी है जहाँ से ये हथियार तैयार किए गए और खरीदे गए थे।

कानूनी कार्रवाई और पुलिस टीम का प्रोत्साहन

हनुमानगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़ी विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। आईजी ओमप्रकाश ने इस सफल ऑपरेशन की सराहना करते हुए घोषणा की है कि कार्रवाई में शामिल एएसआई किशोर मान, एएसआई जसवंत भाकर, हवलदार रामनारायण और कांस्टेबल राकेश को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित करने की अनुशंसा की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती जिलों में अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा।

विज्ञापन