हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा कक्षा 10वीं की वार्षिक परीक्षा का परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिया गया है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. 60 फीसदी रहा है। 49 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस वर्ष की परीक्षा में कुल 2,78,334 परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए थे। नियमित परीक्षार्थियों में से 2,76,640 छात्र परीक्षा में बैठे, जिनमें से 2,47,860 उत्तीर्ण हुए। वहीं, 6,201 परीक्षार्थियों का परिणाम 'एसेंशियल रिपीट' रहा है, जिसका अर्थ है कि इन छात्रों को पुनः परीक्षा देनी होगी।
प्रदेश के टॉपर्स और मेरिट सूची का विवरण
इस वर्ष की मेरिट सूची में प्रदेशभर के 16 परीक्षार्थियों ने प्रथम तीन स्थानों पर अपनी जगह बनाई है। भिवानी के आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मिरान की छात्रा दीपिका ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। द्वितीय स्थान पर 498 अंकों के साथ चार परीक्षार्थी रहे हैं, जिनमें बीएसएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बिगोवा (चरखी-दादरी) की छात्रा रोनक, एनसीवीएम हाई स्कूल, पुठी समैन (हिसार) की छात्रा खुशी, स्वामी विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, खेड़ी जालब (हिसार) की छात्रा अंतु और बाला जी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भुंगरका (महेन्द्रगढ़) के छात्र दीपांशु शामिल हैं।
तृतीय स्थान पर 497 अंकों के साथ कुल 11 परीक्षार्थियों ने कब्जा जमाया है। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शाहपुर तुर्क (सोनीपत) के छात्र काव्यांश, टैगोर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मंगाली (हिसार) की छात्रा दीक्षा, श्री बलवीर सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माढ़ा (हिसार) की छात्रा साक्षी, पिंक सीटी हाई स्कूल, बिसला (फतेहाबाद) की छात्रा आरजु, आर्यवर्त वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, देवबन (कैथल) की छात्रा मानशी, होली वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिवानी मंडी (भिवानी) की छात्रा आशु, मॉडर्न शिक्षा सदन, देहरा (पानीपत) के छात्र मनुराज, बलवीर सिंह वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, माढ़ा (हिसार) की छात्रा सकोमल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सुंडाना (रोहतक) की छात्रा गीता, आर्य हाई स्कूल, मंढ़ोली कलां (भिवानी) की छात्रा महक और महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल, नरवाना (जीन्द) के छात्र वंश देव शामिल हैं।
कैथल की मानसी की सफलता की कहानी
कैथल के गांव देबन की मानसी ने 497 अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली मानसी का सपना डॉक्टर बनने का है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई और अनुशासन को दिया। मानसी ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली थी। वह प्रतिदिन 8 घंटे पढ़ाई करती थीं और कठिन विषयों के लिए शिक्षकों द्वारा बनाए गए विशेष टाइम-टेबल का पालन करती थीं। पढ़ाई के साथ-साथ वह घर के कामों में अपनी मां की मदद भी करती थीं और प्रतिदिन कम से कम 3 घंटे सेल्फ-स्टडी को समर्पित करती थीं।
लिंगवार और क्षेत्रवार प्रदर्शन के आंकड़े
परीक्षा परिणामों में एक बार फिर छात्राओं ने छात्रों को पछाड़ दिया है। 64 रहा। 69 रहा। 95 फीसदी बेहतर रहा। 45 प्रतिशत के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। 94 प्रतिशत की तुलना में अधिक है। जिलों में चरखी दादरी प्रथम, जीन्द द्वितीय और महेन्द्रगढ़ तृतीय स्थान पर रहा, जबकि नूंह जिला सबसे फिसड्डी साबित हुआ।
मुक्त विद्यालय और डीएलएड परीक्षा के परिणाम
बोर्ड ने सैकेण्डरी मुक्त विद्यालय और डीएलएड के परिणाम भी जारी किए हैं। 02 प्रतिशत रहा, जिसमें 4,556 में से 3,190 छात्र पास हुए। 64 फीसदी रहा, जहां 3,957 में से 1,885 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इसके अलावा, डीएलएड (रि-अपीयर/मर्सी चांस) परीक्षा में 5,315 छात्र-अध्यापक शामिल हुए। 13% रहा। in कुछ समय के लिए ठप्प हो गई थी, जिससे छात्रों को परेशानी हुई।
परीक्षार्थी अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अनुक्रमांक, पंजीकरण संख्या या नाम और माता-पिता के नाम के साथ जन्म तिथि भरकर देख सकते हैं। विद्यालयों के लिए परिणाम उनकी यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तकनीकी त्रुटि के लिए कार्यालय जिम्मेदार नहीं होगा।