हरियाणा में मतदाता सूची के सुदृढ़ीकरण और शुद्धिकरण के लिए निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। प्रदेश में 15 जून से 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। चुनाव आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट करना और सभी पात्र नागरिकों के नाम इसमें शामिल करना सुनिश्चित करना है। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में वोटर लिस्ट की अंतिम सूची 22 सितंबर को सार्वजनिक रूप से जारी की जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए एक विशिष्ट समय सीमा निर्धारित की गई है, जो 21 जुलाई से शुरू होकर 18 सितंबर तक चलेगी।
बूथ लेवल अधिकारियों की नियुक्ति और घर-घर सत्यापन
निर्वाचन आयोग (EC) ने देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के तीसरे चरण के क्रियान्वयन की घोषणा की है। हरियाणा राज्य में इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए कुल 20,629 'बूथ लेवल अधिकारियों' (BLOs) की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी 15 जून से लेकर 14 जुलाई तक सक्रिय रहेंगे और घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का भौतिक सत्यापन करेंगे। इस दौरान वे नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और मौजूदा विवरणों में सुधार जैसे महत्वपूर्ण कार्य करेंगे। यह जमीनी स्तर का सत्यापन मतदाता सूची की सटीकता बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण तिथियां और पात्रता मानदंड
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए और श्रीनिवास ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया के तीसरे चरण के लिए 1 जुलाई, 2026 को 'पात्रता तिथि' (qualifying date) के रूप में निर्धारित किया गया है। इस वृहद अभियान की तैयारी के लिए 5 जून से 14 जून, 2026 तक प्रशिक्षण और अन्य प्रशासनिक गतिविधियां पूरी की जाएंगी। आंकड़ों की बात करें तो 12 मई तक हरियाणा में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 2,06,63,155 दर्ज की गई है। राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अब तक विभिन्न दलों द्वारा 12,917 बूथ लेवल एजेंट (BLAs) नियुक्त किए जा चुके हैं, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
ड्राफ्ट प्रकाशन और दावों-आपत्तियों का निपटारा
मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्गठन की प्रक्रिया 14 जुलाई, 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। इसके तुरंत बाद, 21 जुलाई, 2026 को मतदाता सूची का मसौदा (draft) प्रकाशित किया जाएगा। नागरिकों के पास अपने दावों और आपत्तियों को दर्ज कराने के लिए 21 जुलाई से 20 अगस्त तक का समय होगा। इन सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों का गहनता से निपटारा 21 जुलाई से 18 सितंबर के बीच किया जाएगा। अंततः, सभी संशोधनों के बाद 22 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। राज्य के लोगों से अपील करते हुए श्रीनिवास ने कहा कि नागरिकों को इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में चुनाव अधिकारियों और BLOs के साथ सहयोग करना चाहिए।
चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में संशोधन की स्थिति
चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के लिए SIR की प्रक्रिया 1 जुलाई, 2026 से शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ की चुनावी सूचियों का पिछला गहन संशोधन वर्ष 2002 में किया गया था। 18 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। हरियाणा और चंडीगढ़ के अलावा, यह प्रक्रिया दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव में भी संचालित की जाएगी।
मुख्य बिंदु: हरियाणा SIR 2026
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने राज्य के सभी नागरिकों से इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और चुनाव अधिकारियों तथा BLOs के साथ पूर्ण सहयोग करने की अपील की है ताकि एक त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके।