शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद HDFC बैंक और एयरटेल ने कमाए 93000 करोड़ रुपये

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शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद HDFC बैंक और एयरटेल ने कमाए 93000 करोड़ रुपये
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भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली हलचल ने निवेशकों को सतर्क रखा, जिसके कारण बाजार पर दबाव देखने को मिला। हालांकि, इस गिरावट के माहौल में भी देश की 10 सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में से चार ने शानदार प्रदर्शन किया। HDFC बैंक, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और LIC ने मिलकर अपने बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में करीब 92,995 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब मुख्य सूचकांकों में गिरावट का रुख था।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का दौर

सप्ताह के दौरान भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार हफ्तों से चली आ रही तेजी का सिलसिला थम गया। बीएसई सेंसेक्स 194 रुपये 52 पैसे अंक यानी 0 रुपये 25 पैसे फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 63 रुपये 95 पैसे अंक यानी 0 रुपये 26 पैसे फीसदी टूटकर बंद हुआ। बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष है, जिससे वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता ने भी भारतीय बाजार की धारणा को प्रभावित किया, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है।

HDFC बैंक और भारती एयरटेल ने मारी बाजी

इस चुनौतीपूर्ण सप्ताह में HDFC बैंक सबसे बड़ा वैल्यू क्रिएटर बनकर उभरा। बैंक का मार्केट कैप 35,808 करोड़ रुपये बढ़कर 12 लाख 69 हजार करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों ने बैंक की वित्तीय स्थिरता और भविष्य की संभावनाओं पर भरोसा जताया है। इसी तरह, दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल के बाजार मूल्य में भी 34,897 करोड़ रुपये की शानदार बढ़ोतरी देखी गई। इसके साथ ही भारती एयरटेल का कुल मार्केट कैप 11 लाख 98 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इन दोनों कंपनियों ने बाजार की गिरावट के बावजूद निवेशकों की झोली भरने का काम किया है।

LIC और रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन

सरकारी बीमा कंपनी LIC के मार्केट कैप में भी इस दौरान 16,065 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। वहीं, देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में 6,225 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज वर्तमान में 17 लाख 71 हजार करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में अपना स्थान बरकरार रखे हुए है। इन चार कंपनियों—HDFC बैंक, भारती एयरटेल, LIC और रिलायंस—ने मिलकर कुल 92,995 करोड़ रुपये की संपत्ति जोड़ी है, जो बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

इन दिग्गज कंपनियों को उठाना पड़ा नुकसान

बाजार की गिरावट का असर अन्य छह बड़ी कंपनियों पर साफ देखा गया, जिनके मार्केट कैप में कुल 49,294 करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे ज्यादा नुकसान एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) को हुआ, जिसका मार्केट कैप 12,089 करोड़ रुपये घट गया। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो (L&T), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाजार मूल्य में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस उतार-चढ़ाव के बावजूद शीर्ष कंपनियों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। रिलायंस पहले स्थान पर बनी हुई है, जिसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, SBI और TCS का नंबर आता है।

Q1 नतीजों पर टिकी निवेशकों की निगाहें

अब शेयर बाजार के निवेशकों और विश्लेषकों की नजर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजों पर टिकी है। आने वाले सप्ताह में 140 से अधिक कंपनियां अपने तिमाही वित्तीय परिणाम घोषित करने वाली हैं। बाजार की दिशा काफी हद तक इन नतीजों और कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले भविष्य के अनुमानों पर निर्भर करेगी। यदि कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो बाजार में फिर से तेजी लौटने की संभावना है।

प्रमुख कंपनियों के नतीजों का कैलेंडर

सप्ताह की शुरुआत आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी HCL Technologies के नतीजों के साथ होगी। इसके बाद टाटा एलेक्सी, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, विप्रो, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, HDFC एएमसी, HDFC लाइफ, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ और ग्रो जैसी कंपनियां अपने तिमाही आंकड़े पेश करेंगी। इन कंपनियों के प्रदर्शन से संबंधित क्षेत्रों की सेहत का पता चलेगा, विशेष रूप से आईटी और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में।

रिलायंस और बैंकिंग सेक्टर पर विशेष ध्यान

सप्ताह के अंत में बाजार का पूरा ध्यान रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों पर रहेगा। निवेशक यह देखना चाहेंगे कि कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल (O2C), रिटेल, टेलीकॉम और न्यू एनर्जी कारोबार ने कैसा प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही 18 जुलाई का दिन बैंकिंग सेक्टर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इस दिन HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगे। बाजार के विशेषज्ञ इन बैंकों के लोन ग्रोथ, एसेट क्वालिटी (NPA), शुद्ध लाभ और प्रबंधन के दृष्टिकोण पर बारीकी से नजर रखेंगे। माना जा रहा है कि इन बड़े बैंकों और रिलायंस के नतीजों के आधार पर ही आने वाले समय में शेयर बाजार की चाल और दिशा तय होगी।

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