रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमला: एक भारतीय की मौत और दस घायल, उड़ानों पर बड़ा असर

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रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमला: एक भारतीय की मौत और दस घायल, उड़ानों पर बड़ा असर
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सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के हमलों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस हमले में भारतीय समुदाय के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को हुए हूती हमले में घायल हुए एक भारतीय नागरिक की रविवार को मौत हो गई। इस हमले में कुल 11 भारतीय नागरिक घायल हुए थे, जिनमें से एक ने दम तोड़ दिया है और 10 अन्य भारतीयों का उपचार जारी है। हूतियों ने अपनी आक्रामकता को जारी रखते हुए रविवार को लगातार दूसरे दिन रियाद के इसी प्रमुख हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

रविवार का हमला और टर्मिनल 4 पर मिसाइल स्ट्राइक

रविवार को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बार फिर मिसाइल से हमला किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात मिसाइल पैसेंजर टर्मिनल 4 से टकराई, जिसके बाद वहां आग लग गई। यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान चला रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस घटना की पुष्टि की है और गठबंधन के अनुसार, उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने एयरपोर्ट के पास एक क्रूज मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया और उसे नष्ट कर दिया। हालांकि रविवार के इस ताजा हमले में किसी के हताहत होने की तत्काल सूचना नहीं मिली है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में हुए हमलों में मरने वालों की कुल संख्या अब 13 तक पहुंच गई है। इससे पहले हुए एक भीषण मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे।

विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया और दूतावास के प्रयास

इस संकटपूर्ण स्थिति पर भारत के विदेश मंत्री डॉ और एस. जयशंकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमारा दूतावास इस मुश्किल हालात में सभी जरूरी कदम उठा रहा है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों से दूतावास द्वारा जारी किए जाने वाले अपडेट्स पर नजर रखने की अपील की है। भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर घायल भारतीयों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलाने और मृतक के पार्थिव शरीर के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने में जुटा हुआ है।

कोच्चि एयरपोर्ट पर उड़ानों का संकट

सऊदी अरब में बिगड़ते सुरक्षा हालातों का सीधा असर भारत से होने वाली हवाई सेवाओं पर पड़ा है। कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL) ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों की वजह से कोच्चि और सऊदी अरब के विभिन्न शहरों के बीच उड़ान भरने वाली कई एयरलाइंस ने 11 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच अपनी सेवाएं रद्द करने का फैसला किया है। CIAL के अनुसार, इन तीन दिनों के दौरान कोच्चि एयरपोर्ट पर कुल 10 उड़ानें रद्द की गई हैं। रविवार को प्रभावित होने वाली उड़ानों में कोच्चि और रियाद के बीच फ्लाईनास की एक उड़ान, कोच्चि और दोहा के बीच एयर इंडिया एक्सप्रेस की दो उड़ानें, और आकासा एयर की रियाद व जेद्दाह के लिए उड़ानें शामिल थीं। इसके अलावा इंडिगो की रास अल खैमाह के लिए जाने वाली उड़ान को भी रद्द कर दिया गया।

आकासा एयर की 5 उड़ानें रद्द और यात्रियों की परेशानी

उड़ानों के रद्द होने का सिलसिला अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है। 12 अक्टूबर के लिए जेद्दाह से कोच्चि और रियाद से कोच्चि आने वाली आकासा एयर की उड़ानें, साथ ही कोच्चि से रियाद जाने वाली एक उड़ान को रद्द कर दिया गया है। वहीं 13 अक्टूबर को भी रियाद से कोच्चि आने वाली आकासा एयर की एक उड़ान रद्द रहेगी। CIAL ने स्पष्ट किया कि कुल 10 रद्द उड़ानों में से 5 उड़ानें अकेले आकासा एयर की हैं। इस स्थिति के कारण सैकड़ों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सऊदी अरब ने भी अपने मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद रखने की अवधि बढ़ा दी है क्योंकि हूती विद्रोहियों ने पूरे देश में और अधिक हवाई हमले करने की धमकी दी है।

हूतियों के दावे और यमन में हताहतों की संख्या

एक ओर जहां सऊदी अरब पर हमले हो रहे हैं, वहीं हूतियों ने यमन की राजधानी सना में हुए दो हवाई हमलों के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है। हूतियों के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि पिछले 5 हफ्तों में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हमलों में 91 यमनी नागरिक मारे गए हैं और 168 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इन मृतकों में 60 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हालांकि सऊदी अधिकारियों की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां नागरिक बुनियादी ढांचे और आम जनता को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

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