इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की एडिनबर्ग में आयोजित वार्षिक बैठक में वैश्विक क्रिकेट के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं और इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु अमेरिका और कनाडा के क्रिकेट बोर्डों की वर्तमान स्थिति रही। आईसीसी के अधिकारियों ने अमेरिका क्रिकेट (USAC) और क्रिकेट कनाडा (CC) की समस्याओं पर काफी विस्तार से चर्चा की। लंबी बातचीत और गहन मंथन के बाद, परिषद ने यह तय किया कि फिलहाल इन दोनों देशों पर लगे प्रतिबंध को हटाया नहीं जाएगा और वर्तमान स्थिति को यथावत रखा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि अभी जैसी स्थिति है, उसे वैसा ही रखा जाए और फिलहाल उनके बैन को न हटाया जाए।
अमेरिका और कनाडा के निलंबन पर चर्चा
अमेरिका का निलंबन सितंबर 2025 से प्रभावी बताया गया है, जबकि कनाडा को इसी साल जून के महीने में निलंबित किया गया था। हालांकि, साल 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स (LA28) ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अमेरिका का निलंबन हटाना खेल के विकास के लिए आवश्यक माना जा रहा था, लेकिन आईसीसी ने फिलहाल इस फैसले को टालने का निर्णय लिया है। कनाडा के संदर्भ में यह स्पष्ट किया गया है कि उन्हें अपने अंदर के मुद्दों और प्रशासनिक समस्याओं को सुलझाना होगा। इसके साथ ही, बैठक में इस संभावना पर भी चर्चा हुई कि अमेरिका की 'मेजर लीग क्रिकेट' (MLC) में कनाडा की एक टीम को शामिल किया जा सकता है, जिससे क्षेत्र में क्रिकेट को बढ़ावा मिल सके।
मॉरीशस बना नया सदस्य और फ्रांस को नोटिस
इस बैठक में मॉरीशस क्रिकेट फेडरेशन (MCF) के लिए अच्छी खबर आई, क्योंकि आईसीसी ने उन्हें अपने नए एसोसिएट मेंबर के रूप में आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया है। मॉरीशस के जुड़ने के बाद अब आईसीसी के कुल सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 111 हो गई है। इन 111 सदस्यों में से 12 देशों के पास पूर्ण सदस्यता मिली हुई है, जबकि बाकी 99 टीमें एसोसिएट सदस्यों के रूप में शामिल हैं। एक तरफ जहां मॉरीशस को सदस्यता मिली, वहीं दूसरी ओर फ्रांस क्रिकेट को आईसीसी द्वारा औपचारिक नोटिस जारी किया गया है।
वनडे फॉर्मेट और टेस्ट चैंपियनशिप पर फैसला
खेल के प्रारूपों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए आईसीसी ने साफ किया कि वनडे मैचों के ओवरों में कोई कटौती नहीं की जाएगी और पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें आ रही थीं कि 50 ओवर के मैचों को घटाकर 40 ओवर का किया जा सकता है, लेकिन परिषद ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। इसके अलावा, टेस्ट चैंपियनशिप के विस्तार को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई कि फिलहाल इसे बड़ा करने का कोई प्लान नहीं है। इसका अर्थ है कि अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और आयरलैंड जैसी टीमों को अभी टेस्ट चैंपियनशिप में शामिल नहीं किया जाएगा। मीटिंग में इस बात पर भी बातचीत हुई कि आने वाले समय में क्रिकेट को और बेहतर कैसे बनाया जाए। अंत में आईसीसी के मीडिया पार्टनर 'जियोस्टार' ने भी मीटिंग में मौजूद सभी लोगों को अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट दिखाई।