) गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में विपक्षी दलों के कई बड़े और दिग्गज नेता शामिल हुए हैं, जो वर्तमान चुनावी व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर चर्चा कर रहे हैं। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ संभावित कार्रवाई और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
वोट चोरी और एसआईआर में गड़बड़ी के आरोप
विपक्षी दलों की यह बैठक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित वोट चोरी और एसआईआर में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर बुलाई गई है। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस बैठक में चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
बैठक में शामिल दिग्गज नेता और अनुपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी के अलावा गठबंधन के कई प्रमुख चेहरे मौजूद हैं और इनमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्लाह समेत तमाम बड़े नेता शामिल हैं। हालांकि, कुछ प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग को लेकर चल रही तनातनी के बीच खुद बैठक में नहीं पहुंचे, लेकिन उन्होंने अपनी जगह अपने 2 सांसदों को प्रतिनिधित्व के लिए भेजा है। के और स्टालिन ने भी इस बैठक से किनारा कर लिया है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव
विपक्ष अब संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। इंडिया ब्लॉक की इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट प्रस्ताव रखा कि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के पद से हटाया जाना चाहिए। खरगे द्वारा दिए गए इस प्रस्ताव पर गठबंधन के सभी घटक दलों के बीच विस्तार से चर्चा की जा रही है।
गठबंधन के स्वरूप में बदलाव
बैठक के दौरान गठबंधन की संख्या में भी बदलाव देखने को मिला है। पहले इस गठबंधन में 23 पार्टियां शामिल थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर 21 रह गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) और डीएमके (DMK) ने इस बैठक से दूरी बना ली है और इन दोनों पार्टियों का कहना है कि फिलहाल इंडिया ब्लॉक की इस गतिविधि से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
जयराम रमेश का आधिकारिक बयान
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बैठक में शामिल पार्टियों की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें आईएनसी (INC), सपा (SP), एआईटीसी (AITC), एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), राजद (RJD), माकपा (CPM), भाकपा (CPI), जेकेएनसी (JKNC), जेकेपीडीपी (JKPDP), झामुमो (JMM), सीपीआई-एमएल, आईयूएमएल, केसी (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, केसी (जे) और एआईएफबी शामिल हैं। " महाभियोग का प्रस्ताव अब विपक्षी दलों के मुख्य एजेंडे का हिस्सा बन चुका है।