गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास और हरजिंदर ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, CWG 2026 में भारत के हुए 12 पदक

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गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास और हरजिंदर ने वेटलिफ्टिंग में जीता सिल्वर, CWG 2026 में भारत के हुए 12 पदक
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स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित किए जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। छठे दिन का खेल खत्म होने तक भारत के खाते में कुल 12 पदक आ चुके हैं। छठे दिन भारत के लिए दो महत्वपूर्ण सिल्वर मेडल आए, जिसमें एक पदक वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर ने जीता और दूसरा पदक 10,000 मीटर रेस में गुलवीर सिंह ने अपने नाम किया। इन सफलताओं के साथ ही भारत अब पदक तालिका में 9वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके अलावा बॉक्सिंग रिंग से भी अच्छी खबरें आई हैं, जहां भारत के तीन और पदक पक्के हो चुके हैं।

हरजिंदर कौर ने वेटलिफ्टिंग में दिखाया दम

महिलाओं के 69 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की 29 साल की स्टार वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया। उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 227 किलोग्राम वजन उठाया और सिल्वर मेडल जीतने में सफलता हासिल की। हरजिंदर ने स्नैच राउंड की शुरुआत बहुत ही सधे हुए अंदाज में की। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 96 किलोग्राम, दूसरे में 99 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 101 किलोग्राम का भार सफलतापूर्वक उठाया।

स्नैच के बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में भी हरजिंदर का प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने अपने पहले प्रयास में 120 किलोग्राम, दूसरे में 123 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 126 किलोग्राम का वजन उठाया। इस तरह उन्होंने कुल 101 किलोग्राम और 126 किलोग्राम को मिलाकर 227 किलोग्राम का कुल भार उठाया। यह हरजिंदर कौर के करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। इस प्रतियोगिता में कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने कुल 236 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया की फीबे हेमैन ने कुल 218 किलोग्राम वजन के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर रेस में रचा इतिहास

भारतीय लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर रेस में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। 27 साल के गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं और उन्होंने अपनी दौड़ से सबको प्रभावित किया। रेस के दौरान एक समय ऐसा था जब आखिरी लैप शुरू होने पर गुलवीर चौथे स्थान पर चल रहे थे। लेकिन अंतिम क्षणों में उन्होंने अपनी रफ्तार बढ़ाई और जबरदस्त वापसी करते हुए 27 मिनट 49 दशमलव 78 सेकंड में रेस पूरी की।

गुलवीर सिंह गोल्ड मेडल जीतने से बेहद करीब रह गए। वह ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन से मात्र 0 दशमलव 85 सेकंड पीछे रहे, जिन्होंने इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। गुलवीर की यह जीत भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। सेना के इस जवान ने अपनी मेहनत और जज्बे से अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराया और भारत की झोली में एक और रजत पदक डाल दिया।

पदक तालिका में भारत की स्थिति

छठे दिन दो सिल्वर मेडल आने के बाद अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 12 हो गई है। इन 12 पदकों में 2 गोल्ड मेडल, 7 सिल्वर मेडल और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के आधार पर भारत अब मेडल टैली में 9वें पायदान पर काबिज है। वहीं अगर पूरी तालिका की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया 35 गोल्ड मेडल सहित कुल 80 पदक जीतकर पहले स्थान पर बना हुआ है।

छठे दिन जहां कुछ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा भी हाथ लगी, वहीं बॉक्सिंग में तीन पदक पक्के होने से आने वाले दिनों में पदकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ी लगातार अपनी छाप छोड़ रहे हैं और देश का मान बढ़ा रहे हैं। हरजिंदर कौर और गुलवीर सिंह की इस सफलता ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और अन्य एथलीटों का उत्साह भी बढ़ाया है।

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