नई दिल्ली में आयोजित एक ऐतिहासिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को वैश्विक शांति और आर्थिक स्थिरता का आधार बताया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह समझौता ऐसे समय में पूरी। दुनिया को स्थिरता देगा जब चारों ओर उथल-पुथल का दौर कायम है। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता वैश्विक भलाई के लिए साझा समृद्धि का एक खाका है।
वैश्विक उथल-पुथल के बीच स्थिरता का मंत्र
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब दुनिया युद्ध और आर्थिक अस्थिरता के दौर से गुजर। रही है, तब भारत और यूरोपीय संघ का यह सहयोग एक नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने इसे भारत के इतिहास का अब तक का सबसे व्यापक और बड़ा मुक्त व्यापार समझौता करार दिया। मोदी भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता संपन्न होने के बाद यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
साझा आर्थिक विकास का नया मार्ग
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि दुनिया की भलाई और साझा आर्थिक विकास का नया मार्ग है और प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है। यह साझा समृद्धि के लिए एक नया खाका है। '' उन्होंने आगे कहा कि भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता संपन्न किया है और वैश्विक वातावरण में उथल-पुथल का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ''भारत-ईयू विश्व व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेंगे। भारत-ईयू सहयोग वैश्विक भलाई के लिए एक साझेदारी है।
अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी समझौता
कोस्टा ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए दो अरब लोगों के बाजार के लिए अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी समझौता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-ईयू शिखर सम्मेलन दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देता है कि भारत और यूरोपीय संघ भरोसेमंद भागीदारों के रूप में साथ खड़े हैं। कोस्टा ने यह भी कहा कि ''हम यूक्रेन में संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति कायम करने में मदद के लिए आप (मोदी) पर भरोसा करते हैं।
असुरक्षित दुनिया को सुरक्षित महसूस कराएगी यह डील
वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत-यूरोप साझेदारी उस समय रणनीतिक निर्भरता को कम करेगी, जब। वैश्विक व्यापार का तेजी से राजनीतिकरण और हथियार के रूप में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''हम तेजी से असुरक्षित होती दुनिया में अपने लोगों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। '' लेयेन ने कहा कि भारत का उदय हुआ है और यूरोप इससे वास्तव में खुश है।
व्यापार और निवेश के नए अवसर
इस समझौते से भारत के कपड़ा, कृषि, और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। वहीं, यूरोपीय संघ के लिए भारत का विशाल उपभोक्ता बाजार निवेश के नए द्वार खोलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाएगा। बल्कि चीन पर निर्भरता कम करने के वैश्विक प्रयासों को भी मजबूती देगा।
तकनीकी और हरित ऊर्जा में सहयोग
समझौते के तहत दोनों पक्ष हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी मिलकर काम करेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में यूरोपीय संघ की तकनीक और निवेश एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह समझौता आने वाले दशकों के लिए भारत और यूरोप के संबंधों की दिशा तय करेगा।