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भारत-यूरोपीय संघ FTA समझौता संपन्न, मंगलवार को होगा ऐतिहासिक ऐलान

भारत-यूरोपीय संघ FTA समझौता संपन्न, मंगलवार को होगा ऐतिहासिक ऐलान
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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है। दोनों पक्षों ने प्रस्तावित समझौते के लिए अपनी बातचीत सफलतापूर्वक पूरी कर ली है और सौदे के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को इस बड़ी उपलब्धि की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार को होने वाली भारत-यूरोपीय संघ शिखर वार्ता में इस ऐतिहासिक एफटीए की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। यह समझौता न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन और बड़ी घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को नई दिल्ली में एक विशेष शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। इस सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा शामिल होंगे। वाणिज्य सचिव के अनुसार, भारत के नजरिए से यह व्यापार समझौता अत्यंत संतुलित और भविष्योन्मुखी है। यह यूरोपीय संघ के साथ भारत के बेहतर आर्थिक एकीकरण में मील का पत्थर साबित होगा और इस समझौते से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में निवेश और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे, जिससे रोजगार के लाखों अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

व्यापार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

राजेश अग्रवाल ने भरोसा जताया कि इस एफटीए से भारत के निर्यात क्षेत्र को जबरदस्त मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से कपड़ा, कृषि उत्पाद, और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। वर्तमान में समझौते के मसौदे की कानूनी जांच (Legal Scrubbing) चल रही है। सरकार का लक्ष्य इन प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा कर इसी साल समझौते पर हस्ताक्षर करना है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो यह समझौता अगले साल की शुरुआत में प्रभावी हो सकता है।

रक्षा और सुरक्षा साझेदारी पर भी मुहर

इस एफटीए के साथ-साथ भारत और यूरोपीय संघ एक रणनीतिक रक्षा समझौते को भी अंतिम रूप देंगे और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कहा कि एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाता है। उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की सैन्य टुकड़ी की भागीदारी। को दोनों पक्षों के बीच गहराते सुरक्षा सहयोग का एक शक्तिशाली प्रतीक बताया। मंगलवार को होने वाली बैठक में सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर औपचारिक। हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगा।

प्रवासियों की आवाजाही और भू-राजनीतिक महत्व

इस समझौते में केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि प्रवासियों की सुगम आवाजाही (Migration and Mobility) पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यह भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए यूरोप में काम करने और शिक्षा प्राप्त करने के अवसरों को आसान बनाएगा और वैश्विक स्तर पर वाशिंगटन की बदलती नीतियों और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, भारत और यूरोपीय संघ का यह करीब आना एक मजबूत संदेश है। यह साझेदारी दोनों पक्षों को एक-दूसरे की आपूर्ति श्रृंखलाओं और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेगी।

गणतंत्र दिवस का सम्मान और भविष्य की राह

यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविच ने गणतंत्र दिवस समारोह में अतिथि के रूप में शामिल होने को एक बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने संकेत दिया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर एफटीए को। अंतिम रूप देना हमारी साझेदारी की गहराई को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य में सहायक होगा और यूरोपीय कंपनियों को भारत के विशाल बाजार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

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