भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर: लगातार 8वें हफ्ते हुई भारी बढ़ोतरी

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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर: लगातार 8वें हफ्ते हुई भारी बढ़ोतरी
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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने छह महीने के लंबे अंतराल के बाद एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार अब 729 अरब 328 मिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि लगातार आठवें सप्ताह भंडार में हुई वृद्धि के कारण संभव हो पाई है और इन आठ हफ्तों के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल 62 अरब 430 मिलियन डॉलर का भारी इजाफा दर्ज किया गया है। यह इस साल की पहली ऐसी अवधि है जब लगातार आठ हफ्तों तक भंडार में बढ़ोतरी देखी गई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है।

अगस्त के सप्ताह में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को जानकारी दी कि 21 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 12 अरब 422 मिलियन डॉलर बढ़कर 729 अरब 328 मिलियन डॉलर के नए शिखर पर पहुंच गया। इससे ठीक एक सप्ताह पहले के आंकड़ों पर नजर डालें तो भंडार 9 अरब 905 मिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ 716 अरब 907 मिलियन डॉलर पर था। इससे पहले का रिकॉर्ड स्तर 728 अरब 494 मिलियन डॉलर था, जो इसी साल 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में दर्ज किया गया था। उस समय मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने से ठीक पहले यह स्तर हासिल हुआ था, लेकिन उसके बाद भू-राजनीतिक तनाव के कारण इसमें कई हफ्तों तक गिरावट देखी गई थी और उस दौरान भारतीय रुपये की स्थिति को संभालने के लिए रिजर्व बैंक को विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करते हुए डॉलर बेचने पड़े थे।

लगातार आठ हफ्तों का सफर

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार आठवें हफ्ते बढ़ोतरी होना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो 26 जून को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 666 अरब 930 मिलियन डॉलर के स्तर पर था। तब से लेकर अब तक इसमें लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है और इस दौरान कुल 62 अरब 430 मिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में विदेशी मुद्रा भंडार में और भी इजाफा देखने को मिल सकता है, जो देश के आयात बिल और बाहरी ऋणों के प्रबंधन में सहायक होगा।

विदेशी मुद्रा आस्तियों में वृद्धि

केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 21 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा, जिसे विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCA) कहा जाता है, 9 अरब 482 मिलियन डॉलर बढ़कर 591 अरब 333 मिलियन डॉलर हो गया है। डॉलर के संदर्भ में बात करें तो विदेशी मुद्रा आस्तियों में भंडार में रखी गई गैर-अमेरिकी मुद्राओं जैसे यूरो, पाउंड और येन के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है। पिछले महीने केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ने देश में विदेशी मुद्रा के प्रवाह को बढ़ाने के लिए एफसीएनआर (बी) सहित कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। रियायती स्वैप उपायों के तहत देश को अब तक 72 अरब डॉलर प्राप्त हो चुके हैं।

सोने के भंडार और अन्य घटकों की स्थिति

रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान भारत के स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) के मूल्य में भी 2 अरब 801 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है, जिससे यह बढ़कर 114 अरब 218 मिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई तेजी के कारण गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में यह उछाल देखा गया है। इसके अलावा, विशेष आहरण अधिकार (SDRs) में भी 112 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है और यह अब 18 अरब 852 मिलियन डॉलर हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 26 मिलियन डॉलर बढ़कर 4 अरब 925 मिलियन डॉलर पर पहुंच गई है।

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