कर्नाटक मंत्री बी नागेंद्र का इस्तीफा: बीजेपी ने बताया शिवकुमार सरकार का पहला विकेट

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कर्नाटक मंत्री बी नागेंद्र का इस्तीफा: बीजेपी ने बताया शिवकुमार सरकार का पहला विकेट
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कर्नाटक के मंत्री बी नागेंद्र के इस्तीफे को भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपने निरंतर संघर्ष की एक बड़ी जीत के रूप में स्वीकार किया है। के और शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार का पहला विकेट करार दिया है। कथित वाल्मीकि विकास निगम फंड घोटाले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है और मांग की है कि घोटाले के 187 करोड़ रुपये वापस लाए जाएं और इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय की जाए। कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी नागेंद्र ने शुक्रवार को वाल्मीकि निगम घोटाले के आरोपों के चलते पद संभालने के मात्र 25 दिन के भीतर ही राज्य मंत्रिमंडल से अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी है।

नागेंद्र का इस्तीफा और बीजेपी की रणनीति

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शुक्रवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नागेंद्र का इस्तीफा सरकार के लिए एक बड़ा झटका है। उन्होंने इसे बीजेपी कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम बताया। अशोक ने कहा कि सरकार को अभी 3 महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और नागेंद्र को मंत्री बने केवल 25 या 26 दिन ही हुए थे कि एक विकेट गिर गया। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में और भी विकेट गिरेंगे। बीजेपी का मानना है कि यह इस्तीफा केवल शुरुआत है और वे भ्रष्टाचार के अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरना जारी रखेंगे।

दलितों के हक की लड़ाई और 187 करोड़ रुपये का मुद्दा

आर. अशोक ने स्पष्ट किया कि बीजेपी का यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह दलितों के लिए निर्धारित 187 करोड़ रुपये की कथित लूट के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर दिन-रात प्रदर्शन किए और विधानसभा में भी सरकार पर भारी दबाव बनाया। अशोक के अनुसार, इसी दबाव के कारण सरकार को विधानसभा का सत्र भी छोटा करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पहले ही साफ कर दिया था कि जब तक इस्तीफा नहीं होगा, वे पीछे नहीं हटेंगे। अब जबकि इस्तीफा दे दिया गया है, पार्टी इसे अपने आंदोलन की पूर्ण जीत मान रही है।

आंदोलन की अगली रूपरेखा और बड़े चेहरों पर निशाना

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने भी नागेंद्र के इस्तीफे के बाद सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा कि नागेंद्र तो इस पूरे घोटाले में केवल एक छोटे खिलाड़ी हैं, जबकि इस घोटाले में कई बड़े शार्क अभी भी पर्दे के पीछे हैं। विजयेंद्र ने मांग की कि वाल्मीकि विकास निगम के 187 करोड़ रुपये हर हाल में वापस लाए जाने चाहिए क्योंकि यह पैसा शोषित और वंचित समुदायों के विकास के लिए था। उन्होंने साफ किया कि बीजेपी का उद्देश्य केवल एक मंत्री का इस्तीफा लेना नहीं है, बल्कि उस पूरी रकम को वापस लाना और इस बड़ी साजिश का पर्दाफाश करना है जिसमें कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।

राष्ट्रीय नेतृत्व का संदेश और भविष्य की पदयात्रा

आर और अशोक ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की और कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी राज्य में संघर्ष और आंदोलन को और तेज करने का संदेश दिया है। बीजेपी अब जनता, किसानों और गरीबों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भी अपना आंदोलन जारी रखेगी। प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा चल रही है और जल्द ही इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी। पार्टी का कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि घोटाले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ जाती और जनता का पैसा वापस नहीं मिल जाता।

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