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भारत-फ्रांस रक्षा सौदा: 114 राफेल और पिनाका रॉकेट सिस्टम पर बड़ी डील

भारत-फ्रांस रक्षा सौदा: 114 राफेल और पिनाका रॉकेट सिस्टम पर बड़ी डील
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फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों और हैमर मिसाइलों की खरीद पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसके साथ ही, फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस भारत के स्वदेशी पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को खरीदने पर विचार कर रहा है और यह घटनाक्रम भारत के रक्षा निर्यात लक्ष्यों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा और द्विपक्षीय वार्ता

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वह सोमवार देर रात मुंबई पहुंचे, जहां मंगलवार को उन्होंने लोकभवन में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत में रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की गई। मैक्रों की यह चौथी भारत यात्रा है और मुंबई की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

114 राफेल लड़ाकू विमानों और हैमर मिसाइलों का सौदा

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को बढ़ाने के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की प्रक्रिया पर इस यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। इसके साथ ही हैमर मिसाइलों की खरीद पर भी चर्चा जारी है और राफेल विमानों का पिछला बेड़ा पहले ही भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन चुका है, और अब नए बेड़े के लिए बातचीत अंतिम चरण में है। यह सौदा भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है।

फ्रांस को पिनाका रॉकेट सिस्टम का संभावित निर्यात

फ्रांसीसी मीडिया के दावों के अनुसार, फ्रांस भारत से स्वदेशी पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम खरीदने में गहरी रुचि दिखा रहा है। पिनाका एक पूरी तरह से स्वदेशी प्रणाली है जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय सेना के लिए विकसित किया है। यदि यह सौदा सफल होता है, तो यह भारत के लिए एक प्रमुख रक्षा निर्यात सफलता होगी। पिनाका का नाम भगवान शिव के धनुष 'पिनाक' के नाम पर रखा गया है और यह अपनी सटीकता और विनाशकारी क्षमता के लिए जाना जाता है।

पिनाका रॉकेट सिस्टम की तकनीकी विशेषताएं और मारक क्षमता

पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की मारक क्षमता अत्यंत प्रभावी है। यह प्रणाली मात्र 44 सेकेंड में 12 रॉकेट दागने में सक्षम है। इसकी एक पूरी बैटरी में छह लॉन्चर होते हैं, जो एक मिनट के भीतर 72 रॉकेट दाग सकते हैं। पिनाका की वर्तमान रेंज 40 किलोमीटर से लेकर 90 किलोमीटर तक है। अधिकारियों के अनुसार, आगामी पिनाका Mk-III संस्करण 120 किलोमीटर तक के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम होगा। इसके अलावा, DRDO इसे 300 किलोमीटर की रेंज तक विकसित करने पर भी काम कर रहा है। यह प्रणाली मैदानी इलाकों, रेगिस्तानों और पहाड़ी क्षेत्रों में समान रूप से प्रभावी है।

पिनाका के ऑपरेशन मोड और युद्धक्षेत्र में उपयोगिता

पिनाका रॉकेट सिस्टम में चार अलग-अलग ऑपरेशन मोड उपलब्ध हैं, जिनमें ऑटोनोमस, स्टैंड अलोन, रिमोट और मैनुअल शामिल हैं। यह एक 'शूट एंड स्कूट' क्षमता वाला रॉकेट लॉन्चर है, जिसका अर्थ है कि यह फायर करने के तुरंत बाद अपनी स्थिति बदल सकता है। इस विशेषता के कारण दुश्मन के लिए इस लॉन्चर को ट्रैक करना और निशाना बनाना लगभग असंभव हो जाता है। कारगिल युद्ध के दौरान इसकी प्रभावशीलता को देखते हुए इसे भारतीय सेना के तोपखाने का एक अनिवार्य हिस्सा बनाया गया था।

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