भारत एक बार फिर क्रिकेट के एक बड़े महाकुंभ की मेजबानी के लिए तैयार है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि महिला चैंपियंस ट्रॉफी का पहला संस्करण भारत में आयोजित किया जाएगा। यह टूर्नामेंट फरवरी 2027 में खेला जाएगा, जो महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ठीक एक साल बाद भारत में इस बड़े टूर्नामेंट का आयोजन होना खेल प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि क्रिकेट की दुनिया में पहली बार इस इवेंट का आयोजन किया जा रहा है और भारत को इसके पहले मेजबान होने का गौरव प्राप्त हुआ है।
श्रीलंका से क्यों छिनी मेजबानी?
विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी का अधिकार शुरुआत में श्रीलंका के पास था। लेकिन आईसीसी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए श्रीलंका से यह अधिकार वापस ले लिया। इसका मुख्य कारण श्रीलंका के क्रिकेट बोर्ड में होने वाला राजनीतिक हस्तक्षेप है। वर्तमान में श्रीलंका के क्रिकेट बोर्ड का संचालन सरकार द्वारा नियुक्त की गई एक कमेटी कर रही है। यह स्थिति आईसीसी के उन नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिनमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी सदस्य देश के क्रिकेट बोर्ड में राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होगा। इसी वजह से श्रीलंका को इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी से हाथ धोना पड़ा और अब यह जिम्मेदारी भारत को सौंपी गई है।
टूर्नामेंट की तारीखें और वेन्यू
आईसीसी ने बुधवार 2 सितंबर को आधिकारिक तौर पर ऐलान किया कि महिला चैंपियंस ट्रॉफी का पहला संस्करण भारत में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट का आयोजन 14 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगा। आईसीसी ने इस बड़े इवेंट के लिए वेन्यू का भी चयन कर लिया है। टूर्नामेंट के सभी मैच सिर्फ 2 शहरों में आयोजित किए जाएंगे, जो वडोदरा और मुंबई हैं। मुंबई के सभी मुकाबले ऐतिहासिक ब्रेबॉर्न स्टेडियम में खेले जाएंगे और दो शहरों में मैच कराने का फैसला लॉजिस्टिक्स और मैदानों के बेहतर रखरखाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
टूर्नामेंट का फॉर्मेट और हिस्सा लेने वाली टीमें
पहली बार आयोजित हो रही इस चैंपियंस ट्रॉफी में कुल 6 टीमें हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों का फैसला आईसीसी महिला टी20 रैंकिंग के आधार पर किया गया है। इस प्रतियोगिता में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, श्रीलंका, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीमें अपनी चुनौती पेश करेंगी। टूर्नामेंट राउंड रॉबिन फॉर्मेट में आयोजित होगा, जिसका अर्थ है कि सभी 6 टीमें लीग चरण के दौरान एक-दूसरे से एक-एक बार भिड़ेंगी। हालांकि टूर्नामेंट की तारीखों और शहरों का ऐलान हो चुका है, लेकिन मैचों के विस्तृत शेड्यूल की घोषणा आईसीसी द्वारा कुछ समय बाद की जाएगी।
मेजबानी की रेस में भारत ने दी मात
आईसीसी के अनुसार, इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए भारत के अलावा बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका भी प्रबल दावेदार थे। लेकिन 1 सितंबर को हुई आईसीसी की महत्वपूर्ण बैठक में भारत की मेजबानी पर अंतिम मुहर लगाई गई। भारत में लगभग डेढ़ साल के भीतर यह महिला क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। इससे पहले अक्टूबर-नवंबर 2025 में भारत ने महिला वनडे वर्ल्ड कप की सफल मेजबानी की थी, जहां भारतीय टीम पहली बार विश्व चैंपियन बनी थी। ऐसे में एक बार फिर भारतीय टीम से यह उम्मीद होगी कि वे अपने घरेलू दर्शकों के सामने चैंपियंस ट्रॉफी के पहले ही संस्करण में खिताब जीतकर इतिहास रचें।