पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय अपने इंग्लैंड दौरे पर मिली करारी हार के बाद बड़े आंतरिक बदलावों के दौर से गुजर रही है। इस उथल-पुथल के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है कि पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने नेशनल सिलेक्शन कमेटी (राष्ट्रीय चयन समिति) से अपना इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान की टेस्ट टीम में बड़े बदलाव किए जाने के महज एक दिन ही बीते हैं। मिस्बाह-उल-हक, जो पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में एक सफल कप्तान के रूप में जाने जाते हैं, उनके इस कदम ने क्रिकेट जगत में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने उनका इस्तीफा आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है या नहीं।
दोहरे पदों से दिया इस्तीफा
मिस्बाह-उल-हक ने केवल चयन समिति का पद ही नहीं छोड़ा है, बल्कि उन्होंने लाहौर स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) में बल्लेबाजी सलाहकार की अपनी जिम्मेदारी से भी हटने का निर्णय लिया है। मिस्बाह पीसीबी के साथ एक विशेष अनुबंध के तहत जुड़े हुए थे, जिसमें उन्हें साल में 180 दिन बल्लेबाजी सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं देनी थीं। उनके इस अचानक इस्तीफे ने पाकिस्तान क्रिकेट के प्रबंधन और भविष्य की रणनीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीम के खराब प्रदर्शन के बाद मचे बवाल के बीच मिस्बाह का यह फैसला बोर्ड के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
इंग्लैंड के खिलाफ हार का असर
पाकिस्तान क्रिकेट में इस भूचाल की मुख्य वजह इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम का बेहद खराब प्रदर्शन है और पाकिस्तान को सीरीज के शुरुआती दोनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा है, जिससे वह सीरीज में 0-2 से पिछड़ गई है। लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच में पाकिस्तान को 194 रन के बड़े अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के बाद पीसीबी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीसरे टेस्ट मैच से पहले टीम और कोचिंग स्टाफ में आमूल-चूल बदलाव करने का फैसला किया और क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य टीम के प्रदर्शन में सुधार लाना और भविष्य के लिए नए विकल्पों को तलाशना है।
टीम से 7 खिलाड़ियों की छुट्टी
खराब प्रदर्शन की गाज टीम के कई सीनियर और नियमित खिलाड़ियों पर गिरी है। बोर्ड ने टेस्ट टीम से कुल सात खिलाड़ियों को रिलीज करने का फैसला किया है। इन खिलाड़ियों में मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, अवैस जफर और खुर्रम शहजाद के नाम शामिल हैं। इन अनुभवी खिलाड़ियों की जगह चयनकर्ताओं ने युवा और अनकैप्ड खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। टीम में शामिल किए गए पांच नए खिलाड़ी आराफात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बेग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रजाउल्लाह हैं। इनके अलावा सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल को भी टेस्ट स्क्वाड का हिस्सा बनाया गया है ताकि टीम को मजबूती मिल सके।
कोचिंग स्टाफ में भी बड़ा बदलाव
खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ में भी बड़े फेरबदल किए गए हैं। तीसरे टेस्ट मैच से पहले हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। अब टेस्ट टीम की कमान व्हाइट-बॉल टीम के मुख्य कोच माइक हेसन और गेंदबाजी कोच एश्ले नॉफके के हाथों में होगी। यह नया कोचिंग सेट-अप तीसरे टेस्ट के लिए टीम को तैयार करेगा। सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाना तय है। पीसीबी को उम्मीद है कि इस बदलाव से टीम के मनोबल और प्रदर्शन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मिस्बाह का पीसीबी के साथ सफर
मिस्बाह-उल-हक का पाकिस्तान क्रिकेट के साथ एक लंबा और प्रभावशाली इतिहास रहा है। 2017 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने पीसीबी के भीतर कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। 2019 में उन्हें एक ऐतिहासिक फैसले के तहत एक साथ हेड कोच और मुख्य सिलेक्टर की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने चयनकर्ता का पद छोड़ दिया था ताकि वह पूरी तरह से कोचिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकें, लेकिन 2021 में उन्होंने हेड कोच के पद से भी इस्तीफा दे दिया था। इसी साल मार्च में मिस्बाह को आकिब जावेद, सरफराज अहमद और असद शफीक के साथ चार सदस्यीय चयन समिति में शामिल किया गया था। अब उनके इस्तीफे ने पाकिस्तान क्रिकेट की अंदरूनी कलह और बदलाव की प्रक्रिया को और अधिक तेज कर दिया है।