ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने वहां रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक एडवाइजरी में ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को अगले 48 घंटों तक अपने घरों या सुरक्षित स्थानों के भीतर ही रहने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिक किसी भी प्रकार की यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से तुरंत संपर्क करें।
विदेश मंत्रालय की सुरक्षा एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में वर्तमान सुरक्षा स्थिति तेजी से बदल रही है। एडवाइजरी में कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक इस समय ईरान के विभिन्न शहरों में हैं, वे जहां हैं वहीं रहें और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। दूतावास ने नागरिकों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और संचार के माध्यमों को सक्रिय रखने का निर्देश दिया है और यह कदम क्षेत्र में शुरू हुई सैन्य गतिविधियों और संभावित हवाई हमलों के खतरे को देखते हुए उठाया गया है।
अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमले
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समय सीमा से पहले ही अमेरिका और इजरायल ने ईरान के भीतर रणनीतिक ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं और इन हमलों में मुख्य रूप से ईरान के खर्ग आइलैंड और वहां के रेल नेटवर्क को निशाना बनाया गया है। इन हमलों के परिणामस्वरूप ईरान के कई प्रमुख शहरों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और ब्लैकआउट जैसी स्थिति पैदा हो गई है। अमेरिकी प्रशासन ने इन कार्रवाइयों को सुरक्षात्मक और रणनीतिक बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस के बयान
हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक आधिकारिक बयान में स्थिति की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक हो सकता है। वहीं, नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर आर्थिक आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया। वेंस के अनुसार, अमेरिका का लक्ष्य क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता को चुनौती देने वाली ताकतों को रोकना है। अमेरिकी प्रशासन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया, तो परिणाम गंभीर होंगे।
ईरान की जवाबी सैन्य कार्रवाई
अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने भी मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी हितों पर हमले किए हैं। ईरानी सेना ने क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के तेल और गैस क्षेत्रों (Oil and Gas Fields) को निशाना बनाने का दावा किया है और इसके अतिरिक्त, इजरायली सैन्य ठिकानों पर भी हवाई हमले किए गए हैं। ईरान की इस जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ गई हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
तनाव का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि यदि मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समयानुसार) तक इस मार्ग को अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए बहाल नहीं किया गया, तो सैन्य कार्रवाई तेज की जाएगी। वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच जारी गोलाबारी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां पेश कर दी हैं। भारतीय दूतावास स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है।