भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। इस बढ़ते दबाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में बिजली कटौती और तकनीकी फॉल्ट के मामले तेजी से बढ़े हैं। हालांकि, इस चुनौतीपूर्ण स्थिति के बीच उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने जून महीने में बिजली बिलों में प्रस्तावित 10 प्रतिशत की अतिरिक्त टैरिफ वसूली पर फिलहाल रोक लगा दी है। आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्यों में शुमार होने के बावजूद, उत्तर प्रदेश बिजली उत्पादन के मामले में टॉप 5 राज्यों की सूची में अपनी जगह नहीं बना पाया है। ऊर्जा मंत्रालय के हालिया आंकड़े बताते हैं कि इस दौड़ में गुजरात सबसे आगे निकल गया है।
गुजरात: देश का सबसे बड़ा बिजली उत्पादक
ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात वह राज्य है जो वर्तमान में देश को सबसे ज्यादा बिजली की आपूर्ति कर रहा है। 61 प्रतिशत है। गुजरात का बिजली उत्पादन के क्षेत्र में यह दबदबा रातों-रात कायम नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत और दूरदर्शी योजनाएं रही हैं। राज्य सरकार ने तापीय (थर्मल), जलविद्युत (हाइड्रो) और नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों को बड़े स्तर पर विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
गुजरात ने विशेष रूप से स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। चारंका जैसे विशाल सौर पार्कों और बड़े पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के साथ, गुजरात ने यह सुनिश्चित किया है कि वह न केवल बिजली उत्पादन में आगे रहे, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को भी बढ़ावा दे और यही कारण है कि आज गुजरात देश के ऊर्जा मानचित्र पर सबसे महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरा है और अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है।
महाराष्ट्र और राजस्थान का प्रदर्शन
बिजली उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र दूसरे पायदान पर काबिज है। 71 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले महाराष्ट्र की है। महाराष्ट्र की इस सफलता में तारापुर परमाणु ऊर्जा स्टेशन और चंद्रपुर सुपर थर्मल पावर स्टेशन जैसे प्रमुख विद्युत संयंत्रों का बहुत बड़ा योगदान है। ये संयंत्र न केवल महाराष्ट्र की घरेलू जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि भारत के विशाल औद्योगिक क्षेत्र और महानगरों के एक बड़े हिस्से को भी बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।
29 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे नंबर पर है। राजस्थान ने अपनी भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हुए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी प्रगति की है। यहां दुनिया के कुछ सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र स्थित हैं, जिनमें भड़ला सोलर पार्क का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। राजस्थान सरकार राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पवन ऊर्जा और तापीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता का भी लगातार विस्तार कर रही है, जिससे यह भारत के ऊर्जा भविष्य में एक अनिवार्य योगदानकर्ता बन गया है।
दक्षिण भारतीय राज्यों का योगदान: तमिलनाडु और कर्नाटक
63 प्रतिशत बिजली का उत्पादन करता है और इस सूची में चौथे स्थान पर है। तमिलनाडु विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, और उसमें भी पवन ऊर्जा के मामले में पूरे देश में अग्रणी है। राज्य ने अपनी पारंपरिक तापीय परियोजनाओं और आधुनिक पवन ऊर्जा संयंत्रों के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाया है, जिससे उद्योगों और तेजी से बढ़ते शहरी केंद्रों की बिजली मांग को कुशलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है।
कर्नाटक इस सूची में पांचवें नंबर पर अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। 30 प्रतिशत है। कर्नाटक ने पिछले कुछ वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा के उत्पादन पर विशेष जोर दिया है और राज्य में लागू की गई नई नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के कारण बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप कर्नाटक आज देश के टॉप 5 बिजली उत्पादक राज्यों में शामिल है।
टॉप 10 राज्यों की पूरी सूची और उत्तर प्रदेश की स्थिति
बिजली उत्पादन के मामले में छठे नंबर पर उत्तर प्रदेश का नाम आता है। हालांकि उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है, लेकिन उत्पादन के मामले में यह अभी भी शीर्ष 5 राज्यों से पीछे है। सातवें स्थान पर आंध्र प्रदेश और आठवें स्थान पर मध्य प्रदेश काबिज है। वहीं, तेलंगाना नौवें पायदान पर है और हरियाणा दसवें स्थान पर रहकर टॉप 10 की सूची को पूरा करता है।
उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग और उत्पादन के बीच का अंतर एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। जहां एक ओर उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ से राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर राज्य को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। ऊर्जा मंत्रालय के ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्यों को थर्मल पावर के साथ-साथ सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों पर अधिक निवेश करना होगा।