बेलफास्ट के मैदान पर क्रिकेट जगत ने एक ऐसा उलटफेर देखा जिसकी कल्पना शायद ही किसी भारतीय प्रशंसक ने की होगी। टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में करारी हार का सामना करना पड़ा है। यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार है जब आयरलैंड ने भारत को मात दी है। इस शर्मनाक हार के साथ ही भारतीय टीम के हाथ से दो मैचों की सीरीज जीतने का मौका भी निकल गया है। अब अगर भारत अगला मैच जीत भी जाता है, तो सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्त होगी।
आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत के नायक
आयरलैंड की इस ऐतिहासिक जीत के असली हीरो उनके कप्तान लॉर्कन टकर और उनके गेंदबाज रहे। आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 182 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में भारतीय टीम महज 148 रनों पर ही सिमट गई। आयरलैंड की ओर से अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे मैथ्यू हॉलार्ड और जय मूंदड़ा ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इन दोनों युवा गेंदबाजों ने मिलकर भारत की आधी टीम को पवेलियन भेज दिया, जिससे भारतीय टीम कभी भी लक्ष्य के करीब नहीं पहुंच सकी।
हार की पहली वजह: बेलफास्ट की बदलती पिच
भारतीय टीम की हार का सबसे बड़ा कारण बेलफास्ट की पिच का मिजाज रहा। दूसरी पारी के दौरान पिच पूरी तरह से बदल गई और गेंदबाजों को मदद मिलने लगी और पिच पर गेंद पड़कर रुकने लगी और ग्रिप करने लगी, जिसकी वजह से बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना मुश्किल हो गया। गेंद बल्ले पर ठीक से नहीं आ रही थी और भारतीय बल्लेबाज इसी जाल में फंसकर अपने विकेट गंवाते चले गए।
हार की दूसरी वजह: बल्लेबाजी का फ्लॉप शो
अभिषेक शर्मा को छोड़कर भारत का कोई भी बल्लेबाज आयरलैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना नहीं कर सका। संजू सैमसन, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर जैसे अनुभवी खिलाड़ी पूरी तरह से फेल साबित हुए। तिलक वर्मा ने भी एक बेहद खराब शॉट खेलकर अपना विकेट तोहफे में दे दिया। मध्यक्रम के बल्लेबाजों की इस विफलता ने टीम इंडिया को बैकफुट पर धकेल दिया और टीम 182 रनों के लक्ष्य से काफी दूर रह गई।
हार की तीसरी वजह: आयरलैंड की सटीक गेंदबाजी
आयरलैंड के गेंदबाजों ने पिच की स्थिति को बहुत अच्छी तरह से समझा और उसी के अनुसार गेंदबाजी की। डेब्यू कर रहे तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा और मैथ्यू हॉलार्ड ने अपनी गति और लाइन-लेंथ से भारतीय दिग्गजों को खूब छकाया और हॉलार्ड ने 2 विकेट लिए और मूंदड़ा ने भी 2 विकेट झटके। वहीं, बाएं हाथ के स्पिनर हमफ्रीस ने 38 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिससे भारत की जीत की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गई।
हार की चौथी वजह: भारतीय गेंदबाजों का खराब प्रदर्शन
भारत की गेंदबाजी इस मैच में बेहद साधारण रही। खासतौर पर प्रसिद्ध कृष्णा ने आयरलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका दिया। उन्होंने अपने 4 ओवर के कोटे में 57 रन लुटा दिए, जो टीम के लिए काफी महंगे साबित हुए। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर ने भी एक ही ओवर में 19 रन दे दिए, जिससे आयरलैंड की टीम एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
हार की पांचवीं वजह: खराब फील्डिंग और छूटे कैच
मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग भी स्तरहीन रही। टीम इंडिया ने कुल 3 कैच छोड़े, जो हार का एक मुख्य कारण बने। इसमें सबसे बड़ी गलती अभिषेक शर्मा से हुई, जिन्होंने गैरेथ डेलानी का कैच उस समय छोड़ा जब वह केवल 1 रन पर खेल रहे थे। जीवनदान मिलने के बाद डेलानी ने आक्रामक बल्लेबाजी की और 32 गेंदों में 49 रनों की पारी खेल डाली। इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह से आयरलैंड की तरफ मोड़ दिया।