विज्ञापन

टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने अमेरिका को 29 रन से हराया, कप्तान सूर्या की फिफ्टी

टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने अमेरिका को 29 रन से हराया, कप्तान सूर्या की फिफ्टी
विज्ञापन

भारत ने टी-20 विश्व कप 2026 के अपने शुरुआती मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ 29 रनों की शानदार जीत दर्ज की है। शनिवार को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने प्रतिकूल परिस्थितियों से उबरते हुए टूर्नामेंट का विजयी आगाज किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20-ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 161 रन बनाए। जवाब में अमेरिकी टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए आठ विकेट खोकर केवल 132 रन ही बना सकी।

शुरुआती झटकों के बाद सूर्यकुमार यादव का जुझारू प्रदर्शन

भारतीय पारी की शुरुआत काफी निराशाजनक रही। वानखेड़े की पिच पर अमेरिकी गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में सटीक लाइन और लेंथ से भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोर दिया। टीम इंडिया ने महज 46-रन के कुल योग पर अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। ऐसी स्थिति में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 49-गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 84-रनों की पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक शॉट शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत भारत एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी छोटे लेकिन महत्वपूर्ण योगदान दिए जिससे टीम 161-रन तक पहुंच सकी।

भारतीय गेंदबाजी आक्रमण और मोहम्मद सिराज का दबदबा

162-रनों के लक्ष्य का बचाव करने उतरी भारतीय टीम के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपनी धारदार गेंदबाजी से अमेरिकी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। सिराज ने अपने कोटे के ओवरों में शानदार नियंत्रण दिखाया और 3-विकेट हासिल किए। मैच की अंतिम गेंद पर उन्होंने शुभम रंजने को एक सटीक यॉर्कर पर LBW आउट कर अपनी सफलता का जश्न मनाया। सिराज के अलावा अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने भी किफायती गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट अपने नाम किए। भारतीय स्पिनरों ने मध्य ओवरों में रन गति पर अंकुश लगाकर मैच पर पकड़ मजबूत की।

अमेरिकी बल्लेबाजों का संघर्ष और मध्यक्रम की विफलता

लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिका की शुरुआत धीमी रही। हालांकि, मध्यक्रम में शुभम रंजने और संजय कृष्णमूर्ति ने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने 37-37 रनों का योगदान दिया, लेकिन वे आवश्यक रन रेट के दबाव को कम करने में विफल रहे। मिलिंद कुमार ने भी 34-रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की सटीक गेंदबाजी के सामने कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं पनप सकी। अमेरिकी टीम 20-ओवर की समाप्ति तक आठ विकेट पर 132-रन ही बना सकी और उसे अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा।

विशेषज्ञ विश्लेषण और पिच की स्थिति

क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, वानखेड़े की पिच पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए मदद मौजूद थी, जिसका अमेरिकी गेंदबाजों ने भरपूर फायदा उठाया। हालांकि, सूर्यकुमार यादव के अनुभव और भारतीय गेंदबाजों के अनुशासन ने मैच का रुख बदल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए शुरुआती विकेटों का गिरना चिंता का विषय हो सकता है, लेकिन मध्यक्रम की मजबूती ने टीम को संकट से उबारा है। गेंदबाजी विभाग में विविधता और डेथ ओवरों में सिराज की प्रभावशीलता भारत के लिए इस टूर्नामेंट में सकारात्मक संकेत है।

इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप चरण में महत्वपूर्ण अंक हासिल कर लिए हैं। टीम का अगला मुकाबला अब आगामी सप्ताह में निर्धारित है और अमेरिकी टीम के लिए यह मैच एक सीखने का अनुभव रहा, जहां उनके गेंदबाजों ने शुरुआती सफलताएं तो हासिल कीं, लेकिन बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी के कारण वे लक्ष्य से दूर रह गए। भारतीय टीम अब अपने अगले मैचों में शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी में सुधार करने के उद्देश्य से मैदान पर उतरेगी।

विज्ञापन