भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे का पूरी तरह से सूपड़ा साफ कर दिया है। सीरीज को पहले ही अपने नाम कर चुकी टीम इंडिया ने तीसरे और आखिरी मैच में घरेलू टीम को 35 रन के अंतर से हरा दिया। इस शानदार जीत के साथ ही श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने पहली बार किसी सीरीज में क्लीन स्वीप करने का गौरव हासिल किया है। इस पूरी सीरीज में भारतीय टीम का दबदबा बना रहा और टीम ने 3-0 से सीरीज अपने नाम की। इस जीत के सबसे बड़े सूत्रधार वैभव सूर्यवंशी और मयंक यादव रहे, जिन्होंने क्रमशः रन और विकेट के मामले में विपक्षी टीम को पस्त कर दिया। वैभव सूर्यवंशी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के साथ-साथ प्लेयर ऑफ द सीरीज के खिताब से भी नवाजा गया।
वैभव सूर्यवंशी ने खेली सीरीज की सबसे बड़ी पारी
हरारे के मैदान पर सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार 26 जुलाई को खेला गया। इससे ठीक एक दिन पहले भारतीय टीम ने दूसरा मैच जीतकर सीरीज पर अपना कब्जा जमा लिया था। अब टीम के सामने क्लीन स्वीप करने की चुनौती थी और श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम ने इसे बेहद आसानी से पूरा किया। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवरों में 193 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम इंडिया की इस दमदार पारी के चमकते सितारे एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी रहे।
वैभव ने इस सीरीज के पहले मैच में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था जब उन्होंने मात्र 19 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। तीसरे मैच में भी उन्होंने अपनी उसी लय को बरकरार रखा और सीरीज का दूसरा अर्धशतक जड़ा। वैभव ने केवल 48 गेंदों का सामना करते हुए 81 रन की धुआंधार पारी खेली। इस पारी की बदौलत वह सीरीज में सबसे ज्यादा 151 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। वैभव के अलावा कप्तान श्रेयस अय्यर ने 27 रन और रिंकू सिंह ने नाबाद 25 रन की तेज पारियां खेलीं, जिसकी मदद से भारतीय टीम एक मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। जिम्बाब्वे की ओर से गेंदबाजी में ब्रैड एवन्स सबसे सफल रहे, जिन्होंने 2 विकेट अपने नाम किए।
मयंक यादव और यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे को किया चित
194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम की शुरुआत एक बार फिर बेहद खराब रही। भारत के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पारी की पहली ही गेंद पर ओपनर ब्रायन बैनेट को पवेलियन भेजकर जिम्बाब्वे को तगड़ा झटका दिया। इसके बाद भी जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी संभल नहीं पाई और नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। यश ठाकुर ने अपनी घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए लगातार दो गेंदों पर 2 विकेट चटकाए। इन विकेटों में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा का बड़ा विकेट भी शामिल था, जो अपना खाता भी नहीं खोल सके और शून्य पर आउट हो गए।
जिम्बाब्वे की टीम एक समय 65 रन पर 4 विकेट गंवाकर गहरे संकट में थी। इसके बाद रायन बर्ल और वेस्ली मधेवेरे ने पारी को संभालने की कोशिश की और मधेवेरे ने 28 रन बनाए और दोनों के बीच 60 रन की साझेदारी हुई, लेकिन रनों की रफ्तार काफी धीमी थी। इस धीमी बल्लेबाजी के कारण मैच जिम्बाब्वे के हाथ से निकलता चला गया। रायन बर्ल ने एक छोर संभाले रखा और 54 रन बनाकर नाबाद रहे, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 157 रन तक ही पहुंच पाई और उसे 35 रन से हार का सामना करना पड़ा।
गेंदबाजी में मयंक और यश का जलवा
भारतीय टीम के लिए गेंदबाजी में मयंक यादव सबसे सफल रहे, जिन्होंने अपने कोटे के ओवरों में 29 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए। यश ठाकुर को भी 2 सफलताएं मिलीं, जिन्होंने मध्यक्रम को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई। इस मैच की एक और खास बात अशोक शर्मा की टीम में वापसी रही। अशोक शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला विकेट भी इसी मैच में हासिल किया, जो उनके करियर के लिए एक यादगार पल बन गया। इस तरह भारत ने न केवल मैच जीता बल्कि सीरीज में क्लीन स्वीप करके अपनी श्रेष्ठता साबित की।