भारत में वर्तमान समय में मौसम के दो बिल्कुल अलग और विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर उत्तर और पश्चिम भारत के अधिकांश राज्य भीषण गर्मी और जानलेवा लू की चपेट में झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों और बारिश के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है, जिसमें मैदानी इलाकों में अत्यधिक गर्मी और तटीय व पहाड़ी क्षेत्रों में आगे बढ़ते मानसून प्रणालियों का विवरण दिया गया है।
दिल्ली और उत्तर भारत में भीषण लू और ऑरेंज अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर पहुंचने वाला है। मौसम विभाग ने 20 मई से 25 मई तक की अवधि के लिए दिल्ली में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। तेज धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों का घरों से बाहर निकलना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। यह स्थिति केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है; पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में भी भीषण गर्मी का असर देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों में 20 से 25 मई के दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति और केरल में आगमन
भीषण गर्मी के बीच राहत की एक बड़ी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून भारतीय उपमहाद्वीप की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के शेष हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि मानसून 26 मई के आसपास केरल के तट पर दस्तक दे सकता है। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून के आगमन की इस तारीख में चार दिन पहले या चार दिन बाद तक का अंतर हो सकता है, जो एक सामान्य प्रक्रिया है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी
जहां उत्तर भारत गर्मी से परेशान है, वहीं पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी वर्षा की तैयारी है। असम और मेघालय में 21 से 25 मई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसी तरह, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 से 25 मई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम कार्यालय ने विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश में 23 और 24 मई को तथा असम और मेघालय में 23 से 25 मई तक अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दक्षिण भारत में, केरल और लक्षद्वीप में 20 से 25 मई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
क्षेत्रीय तापमान के आंकड़े और पूर्वी भारत में राहत
पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 20 मई को हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जिससे वहां के निवासियों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। इसके अलावा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और सिक्किम में भी आने वाले दिनों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का असर देखा जा सकता है। हालांकि, अन्य राज्यों में गर्मी का कहर जारी है। 8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। 6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 5 डिग्री सेल्सियस तापमान के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड के मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और देहरादून में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की आशंका है।