भारत इस साल सितंबर के महीने में एक बड़े वैश्विक कूटनीतिक मंच की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है और नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दुनिया के दो सबसे प्रभावशाली नेता, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की प्रबल संभावना है। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों ने भारत सरकार को उनके आगमन के बारे में सूचित कर दिया है। यह दौरा विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग लगभग 7 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत की यात्रा करेंगे।
पुतिन और जिनपिंग के बीच होगी द्विपक्षीय वार्ता
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टास ने राष्ट्रपति पुतिन के भारत आने की पुष्टि की है। क्रेमलिन के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उशाकोव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक अलग से द्विपक्षीय बैठक भी तय की गई है। उल्लेखनीय है कि एक साल के भीतर यह पुतिन का दूसरा भारत दौरा होगा, जो दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद को दर्शाता है।
पिछले दौरे और आगामी बैठकों का कार्यक्रम
राष्ट्रपति पुतिन ने इससे पहले दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया था। इसी महीने की शुरुआत में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी नई दिल्ली आए थे, जहां उन्होंने ब्रिक्स सदस्य देशों के दो दिवसीय सम्मेलन में शिरकत की थी। सितंबर में होने वाले मुख्य शिखर सम्मेलन से पहले, 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का सम्मेलन आयोजित होगा। इस सम्मेलन में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन दोनों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
7 साल बाद जिनपिंग का ऐतिहासिक भारत दौरा
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह भारत दौरा कूटनीतिक गलियारों में बहुत बड़ा माना जा रहा है। वह करीब 7 साल बाद पहली बार भारत की यात्रा पर आएंगे। इससे पहले उन्होंने साल 2019 में भारत का दौरा किया था, जब वह चेन्नई के पास मामल्लापुरम में आयोजित अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। भारत इस साल यानी 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और सितंबर में होने वाले इस वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए राजधानी दिल्ली में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
ब्रिक्स समूह की बढ़ती ताकत और आर्थिक आंकड़े
ब्रिक्स अब दुनिया के 11 तेजी से उभरते देशों का एक विशाल समूह बन चुका है, जिसमें भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुरुआत में इस समूह में केवल 5 देश (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) शामिल थे। साल 2024 में इसमें 4 नए देश मिस्र, इथियोपिया, ईरान और यूएई जुड़े। इसके बाद साल 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का हिस्सा बन गया।
नई दिल्ली में होने वाला यह शिखर सम्मेलन न केवल आर्थिक सहयोग बल्कि वैश्विक सुरक्षा और राजनीति के लिहाज से भी मील का पत्थर साबित हो सकता है।