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: डॉलर के मुकाबले रुपये की जोरदार वापसी: 41 पैसे की मजबूती के साथ पलटी बाजी

- डॉलर के मुकाबले रुपये की जोरदार वापसी: 41 पैसे की मजबूती के साथ पलटी बाजी
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भारतीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जबरदस्त मजबूती के साथ उभरा। पिछले कारोबारी सत्र में 96 रुपये 83 पैसे के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद होने के बाद, आज सुबह विदेशी मुद्रा बाजार खुलते ही रुपये में भारी लिवाली देखी गई। रुपया 41 पैसे मजबूत होकर निवेशकों को राहत देने में सफल रहा। बाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों और घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती स्थिरता की वजह से रुपये के सेंटिमेंट में यह बड़ा सुधार आया है।

लगातार नौ दिनों की गिरावट पर लगा ब्रेक

पिछले 9 दिनों से डॉलर की लगातार मजबूती के कारण रुपया लगातार गिर रहा था और यह आंकड़ा 97 रुपये के करीब पहुंचकर लाइफ टाइम लोअर लेवल पर पहुंच गया था। लेकिन डॉलर के इस दबाव के बीच 10वें दिन रुपये ने ऐसी वापसी की कि अमेरिकी करेंसी कमजोर पड़ती दिखाई दी। इस सुधार के पीछे कच्चे तेल की कीमतों का 110 डॉलर से नीचे आना भी एक बड़ी वजह रहा। इसके अलावा, जियो पॉलिटिकल मोर्चे पर भी राहत के संकेत मिले जब डोनाल्ड ट्रंप ने यह इशारा किया कि ईरान के साथ शांति वार्ता अपने अंतिम चरण में है। इन तमाम वैश्विक और घरेलू कारणों ने मिलकर करेंसी मार्केट की टेबल पर बाजी पलट दी और डॉलर का दबदबा कम होता नजर आया।

बाजार का उतार-चढ़ाव और मौजूदा स्तर

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 रुपये 25 पैसे पर खुला और शुरुआती कारोबार के दौरान इसने 96 रुपये 45 पैसे के स्तर को छू लिया। यह बुधवार के बंद स्तर 96 रुपये 86 पैसे के मुकाबले 41 पैसे की बड़ी बढ़त थी। गौरतलब है कि बुधवार को कारोबार के दौरान रुपया 96 रुपये 95 पैसे के नए निचले स्तर तक गिर गया था। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि निवेशक अभी भी वैश्विक जोखिमों और तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की स्थिति में रुपये पर फिर से दबाव आ सकता है।

विशेषज्ञों की राय और तकनीकी विश्लेषण

सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने बाजार की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि तकनीकी नजरिए से 97 रुपये का स्तर डॉलर-रुपया जोड़ी के लिए एक मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र के रूप में काम करेगा। वहीं, नीचे की तरफ 95 रुपये 50 पैसे से 95 रुपये 80 पैसे के स्तर के आसपास रुपये को समर्थन मिल सकता है। पबारी के अनुसार, जब तक भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, रुपये पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन आरबीआई के हस्तक्षेप और लिक्विडिटी सपोर्ट से उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

शेयर बाजार और अन्य आर्थिक आंकड़े

डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापता है, 0 दशमलव 09 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 99 दशमलव 18 पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 0 दशमलव 71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 105 दशमलव 77 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर देखा गया। घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी का माहौल रहा, जहां सेंसेक्स 327 दशमलव 74 अंकों की बढ़त के साथ 75646 दशमलव 13 पर पहुंच गया और निफ्टी 111 दशमलव 75 अंकों की बढ़त के साथ 23772 दशमलव 05 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, एक्सचेंज डेटा के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को नेट आधार पर 1597 करोड़ 35 लाख रुपये के शेयर बेचे थे।

ट्रंप और नेतन्याहू के बीच तीखी बातचीत

जियो पॉलिटिकल तनाव के बीच अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान को लेकर फोन पर तीखी बहस हुई और एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू इस बात से नाराज थे कि वाशिंगटन हमलों के बजाय समझौते के पक्ष में दिख रहा है। नेतन्याहू ईरान की सैन्य क्षमताओं को नष्ट करने के लिए हमलों को फिर से शुरू करना चाहते थे, लेकिन ट्रंप ने कतर और यूएई जैसे अरब देशों के अनुरोध पर हमलों को टालने का फैसला किया। ट्रंप के इस रुख से ईरान के साथ शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर भारतीय रुपये पर देखने को मिला है।

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