प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 देशों का अपना महत्वपूर्ण विदेशी दौरा पूरा करने के बाद आज गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली वापस लौट आए हैं। दिल्ली पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी आज गुरुवार को मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे और मध्य पूर्व में जारी वर्तमान संकट और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच इस बैठक को बहुत ही अहम माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि करीब 11 महीने के लंबे अंतराल के बाद मंत्रिपरिषद की यह बैठक आयोजित की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक कई घंटों तक चल सकती है, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और प्रजेंटेशन प्रस्तुत करने हैं।
बैठक का समय और संभावित एजेंडा
केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल को लेकर चल रही विभिन्न अटकलों के बीच आज होने वाली इस बैठक पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है और करीब 11 महीने बाद हो रही यह बैठक आज शाम 4 बजकर 30 मिनट पर शुरू होने वाली है। इस बैठक के काफी विस्तृत होने की संभावना है और इसके करीब 4 से 5 घंटे तक चलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले, पिछले साल 4 जून को मोदी मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई थी। आज की बैठक में सरकार के भविष्य के रोडमैप और वर्तमान चुनौतियों पर गहन मंथन होने की उम्मीद है।
सरकार के 12 साल और कामकाज की समीक्षा
आगामी 9 जून को केंद्र में मोदी सरकार के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को देखते हुए आज की बैठक में पिछले 12 सालों के कामकाज की व्यापक रिपोर्ट पेश की जाएगी। सरकार ने इस मील के पत्थर को ध्यान में रखते हुए सभी मंत्रालयों से पिछले 12 वर्षों के दौरान उनके द्वारा चलाई गई सबसे सफल और प्रभावी योजनाओं की एक विस्तृत सूची मांगी है। इन प्रजेंटेशन के माध्यम से सरकार अपनी उपलब्धियों का आकलन करेगी और यह देखेगी कि विभिन्न योजनाओं ने जमीनी स्तर पर क्या बदलाव लाए हैं।
विभिन्न मंत्रालयों द्वारा सुधारों पर प्रजेंटेशन
बैठक के दौरान लगभग एक दर्जन मंत्रालय अपने-अपने विभागों में किए गए सुधारों और भविष्य की योजनाओं को लेकर प्रजेंटेशन देंगे। जिन प्रमुख मंत्रालयों को आज अपनी रिपोर्ट पेश करनी है, उनमें वित्त मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय के साथ-साथ ऊर्जा, वाणिज्य, श्रम, कृषि, वन एवं पर्यावरण, सड़क परिवहन, परमाणु ऊर्जा और डीपीआईआईटी जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इन मंत्रालयों के सचिव प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी उपलब्धियों का ब्यौरा रखेंगे। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों का पालन करते हुए सभी मंत्रालयों ने पिछले 2 वर्षों में किए गए सुधारों की जानकारी कैबिनेट सचिवालय को पहले ही सौंप दी है।
मध्य पूर्व संकट और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा
पिछली बैठक की तुलना में इस बार की परिस्थितियां काफी अलग हैं क्योंकि वैश्विक स्तर पर हालात तेजी से बदले हैं। विशेष रूप से मध्य पूर्व में जारी संकट ने दुनिया भर में चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस संकट के कारण होने वाली गैस की किल्लत और ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए बैठक में कई महत्वपूर्ण सुधारों और एहतियाती कदमों पर चर्चा होने की संभावना है और प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही देश की जनता से इस वैश्विक संकट के प्रति सतर्क रहने और गैस व तेल की बचत करने की अपील की है। बैठक में मंत्रालय यह भी बताएंगे कि उन्होंने अपने विभागों में क्या बदलाव किए हैं और आने वाले समय में वे किस तरह के सुधारों को लागू करने की योजना बना रहे हैं। बैठक के अंत में प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन होगा, जिसमें वे सरकार के आगामी एजेंडे को स्पष्ट करेंगे।