होर्मुज स्ट्रेट में कच्चा तेल ले जा रहे भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर शनिवार को ईरानी सैन्य बलों की ओर से गोलीबारी की गई, जिसके बाद उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा और इस गंभीर घटना पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी राजदूत को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद किए जाने की खबरों के बीच, भारतीय ध्वज वाला एक तेल टैंकर इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सफलतापूर्वक पार करने में सफल रहा, जबकि कम से कम चार अन्य जहाजों को सुरक्षा कारणों से वापस लौटना पड़ा।
प्रमुख बिंदु और जहाजों की स्थिति
होर्मुज स्ट्रेट में गोलीबारी और जहाजों का आवागमन
जहाजों के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नौवाहन निगम लिमिटेड (एससीआई) का तेल टैंकर 'देश गरिमा' शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट पार करने में सफल रहा। मार्च की शुरुआत से इस मार्ग को पार करने वाला यह भारतीय ध्वज वाला 10वां जहाज है। मरीनट्रैफिक के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार शाम तक यह टैंकर ओमान की खाड़ी में आगे बढ़ रहा था। हालांकि, अन्य जहाजों के लिए स्थिति अनुकूल नहीं रही। आंकड़ों से पता चला कि तेल टैंकर 'सनमार हेराल्ड', 'देश वैभव' और 'देश विभोर' के साथ-साथ मालवाहक पोत 'जग अर्नव' ने अवरोध बिंदु के पास से अपना मार्ग बदल लिया।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कार्रवाई
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, एक टैंकर ने सूचना दी कि ओमान के उत्तर-पूर्व में लगभग 20 समुद्री मील दूर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की दो नौकाओं से गोलीबारी की गई। इसी हमले के कारण भारतीय जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ा और टैंकरट्रैकर्सडॉटकॉम के अनुसार, इराकी कच्चे तेल से लदे एक सुपरटैंकर सहित भारतीय ध्वज वाले दो जहाजों को गोलीबारी के बाद वापस लौटना पड़ा। इन जहाजों के प्रबंधन की बात करें तो सरकारी स्वामित्व वाली एससीआई 'देश वैभव' और 'देश विभोर' का संचालन करती है, जबकि 'सनमार हेराल्ड' का संचालन सनमार शिपिंग और 'जग अर्नव' का संचालन ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी द्वारा किया जाता है।
भारत का कड़ा कूटनीतिक विरोध
इस घटना पर भारत सरकार ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है और विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को तलब किया और इस गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया। विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वह भारतीय दृष्टिकोण से ईरानी अधिकारियों को सूचित करें और होर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों के सुरक्षित आवागमन को जल्द बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कराएं।
क्षेत्रीय तनाव और जलमार्ग की बंदी का कारण
करीब छह हफ्ते पहले अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को काफी हद तक रोक दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल आया था। हालांकि, तेहरान ने शुक्रवार को जलमार्ग को वाणिज्यिक यातायात के लिए खोलने की घोषणा की थी, लेकिन शनिवार को ईरान ने फिर से इसे बंद कर दिया। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने दोनों पक्षों के बीच हुए एक समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है।