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होर्मुज स्ट्रेट पर डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी: हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकते

होर्मुज स्ट्रेट पर डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी: हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकते
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ईरान द्वारा 24 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को एक बार फिर बंद किए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी पुरानी हरकतों के जरिए अमेरिका को दबाव में नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि वे फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करना चाहते थे, जैसा कि वे सालों से करते आए हैं, लेकिन वे हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकते हैं।

ईरान की सैन्य क्षमता और नेतृत्व पर ट्रंप का प्रहार

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य और प्रशासनिक स्थिति पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास वर्तमान में प्रभावी संसाधनों का अभाव है और ट्रंप ने कहा, "ईरान के पास न नौसेना है और न ही वायुसेना। उनके पास कोई नेतृत्व भी नहीं है। " इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने अतीत में बहुत से लोगों की जान ली है और वे कई वर्षों से अपनी कार्रवाइयों के परिणामों से बचते आए हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है।

अमेरिकी प्रस्तावों की समीक्षा और ईरान का रुख

दूसरी ओर, ईरान ने संकेत दिया है कि वह कूटनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहा है, लेकिन अपने रुख में कोई नरमी नहीं बरतेगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने जानकारी दी है कि हाल के दिनों में अमेरिकियों की ओर से नए प्रस्ताव पेश किए गए हैं। काउंसिल के अनुसार, तेहरान अभी भी इन प्रस्तावों का आकलन और समीक्षा कर रहा है और अभी तक इस पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है।

मध्यस्थता और ईरानी वार्ता टीम की रणनीति

इस कूटनीतिक हलचल के बीच पाकिस्तानी सेना प्रमुख की भूमिका भी सामने आई है। काउंसिल ने ज़िक्र किया कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख तेहरान में मौजूद थे और बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे। हालांकि, ईरान ने अपनी अडिगता दोहराते हुए कहा कि उसकी वार्ता टीम न तो ज़रा सा भी समझौता करेगी, न पीछे हटेगी और न ही कोई नरमी बरतेगी। ईरान ने जोर दिया कि वह अपनी पूरी ताकत से ईरानी राष्ट्र के हितों की रक्षा करेगा।

ब्राजील के राष्ट्रपति की ट्रंप को नसीहत

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने डोनाल्ड ट्रंप के बयानबाजी की आलोचना की है। बार्सिलोना में आयोजित प्रोग्रेसिव लीडर्स समिट के दौरान लूला ने कहा कि दुनिया हर दिन किसी राष्ट्रपति की धमकी भरी टिप्पणियों के साथ नहीं जी सकती है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों से अपील की कि वे मध्य-पूर्व में जारी तनावपूर्ण संघर्ष को रोकने के लिए अपने रुख में बदलाव लाएं।

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