भारतीय महिला एथलेटिक्स टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अपनी धाक जमाते हुए 4x400 मीटर रिले रेस में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। नागोया में आयोजित इन खेलों में भारत की इस जीत के साथ ही देश के पदकों की संख्या में छठा गोल्ड मेडल जुड़ गया है। यह जीत भारतीय खेलों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि साल 2018 के बाद यह पहला मौका है जब भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स की 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में सोने का तमगा हासिल किया है। भारतीय चौकड़ी के इस शानदार प्रदर्शन ने ट्रैक पर मौजूद सभी दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
नागोया के ट्रैक पर रोमांचक मुकाबला
नागोया के एथलेटिक्स ट्रैक पर भारतीय चौकड़ी ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने वहां मौजूद दर्शकों और खेल प्रेमियों के बीच रोमांच की सारी हदें पार कर दीं। 69 सेकंड का समय निकाला। इस समय के साथ उन्होंने न केवल रेस जीती बल्कि भारत के गौरव को भी बढ़ाया। 21 सेकंड के समय के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। 02 सेकंड में रेस पूरी कर ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रही।
धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी
भारतीय टीम की शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक बहुत तेज नहीं रही थी। पहली धावक किरण पाहल ने शुरुआत में कुछ कीमती समय गंवाया और जब उन्होंने बैटन पूवम्मा एमआर को सौंपा, तब भारतीय टीम तीसरे स्थान पर चल रही थी। लेकिन अनुभवी पूवम्मा एमआर ने मोर्चा संभालते हुए अपनी रफ्तार का जादू दिखाया और भारत को रेस में आगे पहुंचा दिया। इसके बाद प्राची ने बैटन संभाली और अपनी स्थिति को मजबूत बनाए रखते हुए भारत को शीर्ष स्थान के करीब रखा। अंतिम लेग की जिम्मेदारी विथ्या रामराज पर थी, जिन्होंने बैटन मिलते ही अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
विथ्या रामराज की फुर्ती और ऐतिहासिक उपलब्धि
रेस के अंतिम क्षणों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया था। दूसरी ओर, बहरीन की स्टार धाविका सलवा ईद नस्र आखिरी लेग में सबसे पीछे से दौड़ शुरू करने के बावजूद बहुत तेजी से आगे बढ़ रही थीं। उन्होंने एक-एक करके अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ना शुरू किया और वह भारत के काफी करीब पहुंच गई थीं। लेकिन विथ्या रामराज ने आखिरी समय तक अपनी रफ्तार कम नहीं होने दी और भारत को गोल्ड मेडल दिलाकर ही दम लिया। विथ्या के लिए यह एशियन गेम्स बेहद खास साबित हुए हैं क्योंकि उन्होंने एक दिन पहले ही पीटी उषा का 400 मीटर हर्डल्स का रिकॉर्ड तोड़कर सुर्खियां बटोरी थीं। अब इस गोल्ड के साथ उन्होंने इन खेलों में अपना तीसरा मेडल हासिल कर लिया है।
पुरुष और मिक्स्ड रिले टीम का प्रदर्शन
महिला टीम की इस ऐतिहासिक सफलता के अलावा, भारत ने मेन्स 4x400 मीटर रिले में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय पुरुष टीम में दूसरे और चौथे नंबर पर मनु टी और विशाल टीके ने शानदार दौड़ लगाई, लेकिन वे जापान और कतर की टीमों से आगे निकलने में सफल नहीं हो पाए। इस स्पर्धा में जापान ने गोल्ड और कतर ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले में भी भारतीय टीम तीसरे स्थान पर रही और ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इससे पहले गुलवीर ने भी एशियन गेम्स 2026 में अपना तीसरा मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। भारतीय महिला टीम का पिछला एशियन गेम्स अभियान सिल्वर मेडल पर खत्म हुआ था, लेकिन इस बार टीम ने पोडियम पर सबसे ऊपर जगह बनाकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।