इंडोनेशिया में एक के बाद एक भूकंप के बड़े झटके महसूस किए जा रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में भारी तबाही और दहशत का माहौल है। शनिवार को देश में भूकंप के दो बड़े झटके आए। 5 तीव्रता का एक और जबरदस्त भूकंप आया। इन लगातार आए झटकों ने राहत और बचाव कार्यों में बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
दूसरे भूकंप का विवरण और तीव्रता
5 तीव्रता का एक और जबरदस्त भूकंप महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, यह भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 4:24 बजे आया। भूकंप की गहराई जमीन से 165 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। 105 E देशांतर पर स्थित था। 5 रही और इसका सटीक समय 15 अगस्त को 16:24:50 IST बजे था। 105 E पर रहा, जबकि इसकी गहराई 165 किमी दर्ज की गई।
सुबह आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही
7 तीव्रता का एक अत्यंत शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप आया था। इस भूकंप ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया और इसमें कम से कम 40 लोगों की जान चली गई। भूकंप के इन झटकों के कारण कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। खतरनाक भूकंपों के लिए कुख्यात इस इलाके में इस आपदा के बाद से दहशत फैल गई है। सरकारी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस भूकंप की वजह से दर्जनों लोग घायल हुए हैं। भूकंप के तुरंत बाद अधिकारियों ने सुनामी की चेतावनी भी जारी की थी और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया था, हालांकि बाद में इस चेतावनी को वापस ले लिया गया।
समुद्र के जलस्तर और भूकंप का केंद्र
इंडोनेशिया की मौसम विभाग एजेंसी ने स्थिति पर नजर रखते हुए कहा कि निगरानी के दौरान समुद्र के जलस्तर में कोई ऐसा खास बदलाव नहीं देखा गया जिससे तटीय आबादी को कोई बड़ा खतरा हो। US जियोलॉजिकल सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, सुबह का यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 5:58 बजे आया था। इसकी गहराई 10 किलोमीटर (लगभग छह मील) थी। इस भूकंप का केंद्र इंडोनेशिया के फ्लोरेस इलाके में, पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से 68 किलोमीटर (42 मील) उत्तर-उत्तर-पश्चिम में स्थित था। इस शक्तिशाली भूकंप के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ और समुद्र में छोटी सुनामी भी देखी गई।
इमारतों का गिरना और बुनियादी ढांचे को नुकसान
ईस्ट नुसा तेंगारा के पुलिस प्रमुख रूडी डारमोको ने भूकंप से हुए नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि आपदा के कारण भारी तबाही हुई है और कई महत्वपूर्ण इमारतें ढह गई हैं। भूकंप प्रभावित शहरों और गांवों में बिजली गुल हो गई है, जिससे संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। संचार ठप होने की वजह से खोज और बचाव कार्यों में काफी रुकावटें आ रही हैं और डारमोको ने CBS न्यूज़ को बताया कि वे लगातार नुकसान और हताहतों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन संपर्क टूटने के कारण इसमें देरी हो रही है। एंडे रीजेंसी में हुए भूस्खलन की वजह से महत्वपूर्ण ट्रांस-फ्लोरेस हाईवे भी बंद हो गया है। यह हाईवे लगभग 700 किलोमीटर लंबी एक पक्की पहाड़ी सड़क है जो फ्लोरेस द्वीप पर लाबुआन बाजो से लारंटुका तक जाती है। भूकंप के इन भीषण झटकों के बाद करीब 2,000 लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर शरण ली है।