Rahul Gandhi Indore Visit: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के पीड़ितों से मिले राहुल गांधी, 20 परिवारों को दिए चेक

Rahul Gandhi Indore Visit - इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के पीड़ितों से मिले राहुल गांधी, 20 परिवारों को दिए चेक
| Updated on: 17-Jan-2026 01:42 PM IST
कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। इस दुखद घटना ने दिसंबर महीने में कई लोगों की जान ले ली थी, जिसके बाद से ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई थीं। राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त। कीं और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनके साथ खड़े हैं।

पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता

अपनी यात्रा के दौरान, राहुल गांधी ने इंदौर में 20 पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक प्रदान किए। यह सहायता उन परिवारों के लिए एक छोटा सा सहारा है जिन्होंने दूषित पानी के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया है और उन्होंने बॉम्बे अस्पताल का भी दौरा किया, जहां उन्होंने दूषित पानी से बीमार हुए मरीजों का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा।

प्रशासन द्वारा अनुमति से इनकार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब। तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ से 10 मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में 70 प्रतिशत पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है। पटवारी ने दूषित पेयजल को 'धीमा जहर' करार दिया और आरोप लगाया कि इससे लोगों की किडनी और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है और उन्होंने संस्कृत की मशहूर कहावत 'विनाश काले विपरीत बुद्धि' का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी सरकार पर हमला बोला और कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल से कई लोगों की मौत के बावजूद राज्य के मंत्री भव्य आयोजनों में व्यस्त हैं और कांग्रेस के सवालों पर उन्हें गालियां दे रहे हैं। जीतू पटवारी ने यह भी बताया कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी की मौजूदगी में बुद्धिजीवियों, पर्यावरणविदों और राज्य भर के नगर निगम पार्षदों का एक सम्मेलन आयोजित करना चाहती थी। इस सम्मेलन का उद्देश्य दूषित पेयजल की समस्या के समाधान पर सकारात्मक चर्चा करना था, लेकिन प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी। पटवारी ने कहा कि पार्टी बाद में यह सम्मेलन आयोजित करेगी, जिससे इस गंभीर मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा सके। प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने को लेकर भी कांग्रेस ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।

मृतकों के आंकड़ों पर विरोधाभास

शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप में अब तक 24 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है और हालांकि, मृतकों के आंकड़ों को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आए हैं। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में गुरुवार को पेश स्थिति रिपोर्ट में भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया है और इस बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति द्वारा किए गए 'डेथ ऑडिट' की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है। यह विरोधाभास इस मुद्दे की गंभीरता और आंकड़ों की स्पष्टता की कमी को दर्शाता है।

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