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स्टेडियम में बैठकर देखना चाहते हैं IPL मैच, टिकट बुकिंग के लिए ये रहा सबसे आसान तरीका

स्टेडियम में बैठकर देखना चाहते हैं IPL मैच, टिकट बुकिंग के लिए ये रहा सबसे आसान तरीका
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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगामी सीजन को लेकर क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह चरम पर है। टूर्नामेंट का आधिकारिक आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है, जिसमें पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने फिलहाल शुरुआती 20 दिनों के कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसके बाद विभिन्न फ्रेंचाइजी और आधिकारिक टिकटिंग पार्टनर्स ने मैचों के लिए टिकटों की बिक्री और पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्टेडियम में बैठकर मैच देखने के इच्छुक प्रशंसकों के लिए डिजिटल और भौतिक दोनों माध्यमों से टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

आधिकारिक टिकटिंग पार्टनर और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका

आईपीएल 2026 के लिए बीसीसीआई और संबंधित फ्रेंचाइजी ने प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ साझेदारी की है। इस साल 'बुक माय शो' (BookMyShow) और जोमैटो का नया प्लेटफॉर्म 'डिस्ट्रिक्ट' (District) मुख्य टिकटिंग पार्टनर के रूप में उभरे हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) बनाम दिल्ली कैपिटल्स (DC), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) बनाम सनराइजर्स हैदराबाद (SRH), और गुजरात टाइटंस (GT) बनाम राजस्थान रॉयल्स (RR) जैसे महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए टिकटों की बिक्री इन प्लेटफॉर्म्स पर लाइव कर दी गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से प्रशंसक न केवल अपनी पसंदीदा सीट चुन सकते हैं, बल्कि स्टेडियम का 3D व्यू भी देख सकते हैं, जिससे उन्हें मैच देखने के अनुभव का पहले से अंदाजा मिल जाता है।

ऑनलाइन टिकट बुकिंग की चरण-दर-चरण प्रक्रिया

ऑनलाइन माध्यम से टिकट बुक करने के लिए प्रशंसकों को सबसे पहले आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा। प्रक्रिया के तहत, उपयोगकर्ता को 'स्पोर्ट्स' सेक्शन में जाकर आईपीएल 2026 का चयन करना होता है। इसके बाद, उपलब्ध मैचों की सूची में से पसंदीदा मैच और स्टेडियम का चुनाव किया जाता है। अगले चरण में, स्टेडियम के लेआउट के आधार पर विभिन्न स्टैंड्स (जैसे गैलरी, पवेलियन या वीआईपी बॉक्स) और उनकी कीमतों का विवरण प्रदर्शित होता है। सीट चयन के बाद, उपयोगकर्ताओं को अपनी संपर्क जानकारी और ईमेल आईडी दर्ज करनी होती है। भुगतान के लिए यूपीआई (UPI), क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है। सफल भुगतान के बाद, एक डिजिटल ई-टिकट या क्यूआर कोड पंजीकृत ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है, जिसे स्टेडियम में प्रवेश के समय दिखाना अनिवार्य होता है।

फ्रेंचाइजी वेबसाइट और प्री-सेल रजिस्ट्रेशन का विवरण

कई आईपीएल टीमें अपनी आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से भी सीधे टिकटों की बिक्री करती हैं। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK), कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और राजस्थान रॉयल्स जैसी फ्रेंचाइजी ने अपने वफादार प्रशंसकों के लिए विशेष पोर्टल बनाए हैं। मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस जैसी टीमों ने 'प्री-सेल रजिस्ट्रेशन' की सुविधा शुरू की है। इस प्रक्रिया में, प्रशंसक पहले से अपना पंजीकरण करा सकते हैं, जिससे टिकटों की बिक्री शुरू होते ही उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सूचना और एक्सेस प्राप्त होता है। अधिकारियों के अनुसार, प्री-सेल रजिस्ट्रेशन से टिकटों की भारी मांग को प्रबंधित करने और सर्वर पर दबाव कम करने में मदद मिलती है। कुछ फ्रेंचाइजी अपने आधिकारिक सदस्यों या सीजन पास धारकों के लिए टिकटों का कोटा आरक्षित रखती हैं, जिसकी जानकारी उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

ऑफलाइन टिकट काउंटर और फिजिकल बुकिंग की जानकारी

डिजिटल माध्यमों के अलावा, उन प्रशंसकों के लिए ऑफलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था भी की गई है जो भौतिक टिकट रखना पसंद करते हैं। मैच की तारीख से लगभग 3 से 5 दिन पहले, संबंधित स्टेडियमों के बाहर या शहर के चुनिंदा केंद्रों पर टिकट काउंटर खोले जाते हैं। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच के आयोजन के लिए कर्नाटक सरकार से अनुमति मिलने के बाद, वहां के बॉक्स ऑफिस पर टिकटों की बिक्री के लिए विशेष काउंटर स्थापित किए जाएंगे। ऑफलाइन टिकट खरीदते समय प्रशंसकों को एक वैध सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या पैन कार्ड) की मूल प्रति साथ ले जाना अनिवार्य है। काउंटर पर नकद और कार्ड दोनों माध्यमों से भुगतान स्वीकार किया जाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन टिकटों की उपलब्धता सीमित होती है और यह 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर प्रदान किए जाते हैं।

स्टेडियम प्रवेश और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश

टिकट प्राप्त करने के बाद, स्टेडियम में प्रवेश के लिए कुछ कड़े नियमों का पालन करना आवश्यक है। डिजिटल ई-टिकट धारकों को कई बार भौतिक टिकट में बदलने की आवश्यकता होती है, जिसके लिए स्टेडियम के पास 'रिडेम्पशन सेंटर' बनाए जाते हैं और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, मैच शुरू होने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले स्टेडियम पहुंचना उचित रहता है। स्टेडियम के भीतर ज्वलनशील पदार्थ, बाहरी भोजन, पानी की बोतलें और पेशेवर कैमरे ले जाना प्रतिबंधित है। प्रत्येक टिकट पर एक विशिष्ट बारकोड या होलोग्राम होता है, जिसकी जांच प्रवेश द्वार पर इलेक्ट्रॉनिक मशीनों द्वारा की जाती है। अधिकारियों के अनुसार, फर्जी टिकटों से बचने के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों से ही खरीदारी करनी चाहिए। स्टेडियम के भीतर बैठने की व्यवस्था और निकास द्वारों की जानकारी टिकट के पीछे या डिजिटल मैप पर विस्तार से दी गई होती है।

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