IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और रिटायर्ड IPS पिता पर FIR, कुक ने लगाया मारपीट का आरोप

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IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और रिटायर्ड IPS पिता पर FIR, कुक ने लगाया मारपीट का आरोप
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आईपीएल क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह, जो एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी हैं, कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। दोनों के खिलाफ एक युवक ने मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। पीड़ित युवक शशांक सिंह के घर पर कुक के तौर पर काम करता था और उसका आरोप है कि उसके साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि उसे जबरन घर से बाहर भी निकाल दिया गया।

रोजगार की पृष्ठभूमि और वेतन का निर्धारण

पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, पीड़ित युवक का नाम विपेंद्र सिंह है और वह मूल रूप से रीवा का रहने वाला है। विपेंद्र खाना बनाने का काम करता है और अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से काम की तलाश में भोपाल आया था। उसे शैलेन्द्र सिंह (जिन्हें शैलेश सिंह भी कहा गया है) के घर पर खाना बनाने और वहीं रहकर काम करने के लिए रखा गया था। इस काम के बदले में उसे 15000 रुपये प्रति माह वेतन देने का वादा किया गया था। विपेंद्र ने बताया कि उसे 25 जून को नीलबड़ स्थित शैलेन्द्र सिंह के घर पर काम के लिए लाया गया था।

परिवार के सदस्यों और काम को लेकर विवाद

विपेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि घर में शैलेन्द्र सिंह, उनकी पत्नी, बेटा शशांक सिंह और उनकी बेटी रहते हैं। युवक का आरोप है कि काम शुरू करने के कुछ ही समय बाद परिवार के लोग उसके काम में लगातार कमियां निकालने लगे थे। इसी दौरान उसका मोबाइल फोन भी उससे ले लिया गया था, जिससे वह काफी परेशान था। काम के दौरान होने वाली टोका-टाकी और मोबाइल छीन लिए जाने की वजह से घर में तनाव का माहौल बन गया था।

28 जून की घटना का पूरा विवरण

विवाद की मुख्य घटना 28 जून की सुबह की है। शिकायत के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे नाश्ता बनाने का काम पूरा करने के बाद विपेंद्र सिंह ने शैलेन्द्र सिंह से अपना मोबाइल फोन वापस मांगा। जब शैलेन्द्र सिंह ने मोबाइल देने से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। मोबाइल वापस न मिलने से दुखी और गुस्से में विपेंद्र अपने कमरे में चला गया। युवक का आरोप है कि इसके कुछ ही देर बाद शैलेन्द्र सिंह, उनके बेटे शशांक सिंह और उनके ड्राइवर मिश्रा उसके कमरे में दाखिल हुए।

मारपीट और 1000 रुपये ट्रांसफर करने का आरोप

पीड़ित विपेंद्र सिंह ने एफआईआर में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कमरे में आने के बाद इन तीनों व्यक्तियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और फिर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के बाद उसे जबरन घर से बाहर निकाल दिया गया। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि उसके मोबाइल फोन से रहने और खाने के खर्च के नाम पर 1000 रुपये भी ट्रांसफर करवा लिए गए। इस घटना के बाद पीड़ित किसी तरह अपने रिश्तेदार के पास पहुंचा और फिर थाने जाकर अपनी आपबीती सुनाई।

पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति

विपेंद्र सिंह की शिकायत मिलने के बाद भोपाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में है ताकि घटनाक्रम की सत्यता की पुष्टि की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक प्रतिष्ठित क्रिकेटर और पूर्व पुलिस अधिकारी का नाम इस विवाद में आने से यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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