ईरान के चक्रव्यूह में फंसा अमेरिका: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरामको को दहलाया

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ईरान के चक्रव्यूह में फंसा अमेरिका: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरामको को दहलाया
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सीजफायर की शांति को तोड़कर, ट्रंप ने ईरान को इतना भड़का दिया है कि भले ही अमेरिका ने अपनी बमबारी रोक दी हो, लेकिन ईरान ने लड़ाई को अनिश्चित काल तक खींचने का फैसला कर लिया है। भले ही अमेरिका सीधे तौर पर इस लड़ाई में शामिल न हो, लेकिन ईरान ने अरब इलाके को राख में मिलाने के मकसद से मोर्चा खोल दिया है। यह स्थिति पश्चिम एशिया में एक नए और खतरनाक अध्याय की शुरुआत है, जहां शांति की संभावनाएं धूमिल होती दिख रही हैं। ईरान की इस रणनीति ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंकने की तैयारी कर ली है।

अमेरिका और अरब जगत को भारी नुकसान

अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस लड़ाई में, अमेरिका के हथियार बड़े पैमाने पर खर्च हुए हैं। इसके साथ ही अरब दुनिया में अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस लड़ाई की आग अभी तक अमेरिकी जमीन तक नहीं पहुंची है। भले ही अमेरिका कुछ सालों में इन भौतिक और वित्तीय नुकसानों से उबर जाए, लेकिन ईरान ने अरब में जो आग लगाई है, वह आने वाले कई सालों तक न तो बुझेगी और न ही ठीक होगी। इसके उलट, इस मोर्चे पर ईरान के गुस्से ने एक ऐसा बारूद का ढेर लगा दिया है जिससे पूरी दुनिया आर्थिक बर्बादी की कगार पर पहुंच सकती है।

ईरानी प्रॉक्सी संगठनों का मिशन

इस बारूद के ढेर में ईरान के प्रॉक्सी संगठन शामिल हैं, जो अमेरिका को अरब इलाके से बाहर निकालने और अरब देशों को ईरान के आगे झुकने पर मजबूर करने के मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं और सीजफायर की शांति को तोड़कर, ट्रंप ने ईरान को इतना भड़का दिया है कि भले ही अमेरिका ने अपनी बमबारी रोक दी हो, लेकिन ईरान ने लड़ाई को अनिश्चित काल तक खींचने का फैसला कर लिया है। जिस स्ट्रैटेजी से यह पूरा इलाका डरता था, वही अब जमीन पर लागू हो गई है। ईरान ने अपने खतरनाक प्रॉक्सी को एक्टिव कर दिया है, जिसमें यमन के हूती लड़ाके और इराकी विद्रोही शामिल हैं।

अरामको रिफाइनरी पर हूतियों का हमला

ईरान की इस सक्रियता का सबसे बड़ा सबूत सऊदी अरब पर हुआ हमला है, जो अमेरिका का एक अहम साथी है और हूतियों ने सऊदी अरब की रीढ़ की हड्डी और दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी, अरामको को निशाना बनाया है। उनके ड्रोन हमलों ने रिफाइनरी में भीषण आग लगा दी, जिससे आसमान में काले धुएं का गुबार उठने लगा। उसी समय, सुसाइड ड्रोन ने इराक में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर भी हमला किया। असल में, ईरान ने लाल सागर से लेकर होर्मुज स्ट्रेट तक एक ऐसा मुश्किल जाल या चक्रव्यूह बुना है, जिसमें अमेरिका बुरी तरह फंस गया है।

आधुनिक ड्रोन को मार गिराने का दावा

हालांकि, सऊदी अरब ने यह भी दावा किया है कि हूतियों द्वारा लॉन्च किए गए कुछ ड्रोन को सफलतापूर्वक बेअसर कर दिया गया था। लेकिन सऊदी अरब को कितना नुकसान हुआ है, इसका अंदाजा जलती हुई रिफाइनरी और उठते धुएं से साफ लगाया जा सकता है। इस बीच, हूतियों ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि उन्होंने अल-जौफ प्रांत के ऊपर उड़ रहे एक सऊदी ड्रोन को मार गिराया है। यह ड्रोन कोई साधारण ड्रोन नहीं बल्कि एक मॉडर्न बेराकटार अकिन्की ड्रोन बताया जा रहा है। इसके अलावा, लाल सागर के रास्ते सऊदी अरब के एक्सपोर्ट को रोकने के लिए, हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदाब स्ट्रेट में जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर संकट

हूती हमलों के बाद, बाब अल-मंदाब स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। रविवार को, सिर्फ 11 कार्गो जहाज इस स्ट्रेट से गुजरे, जिससे पता चलता है कि हूतियों ने ग्लोबल सप्लाई चेन को प्रभावी ढंग से रोकना शुरू कर दिया है। इस स्ट्रैटेजी का पहला कदम पोर्ट्स को खाली कराने के लिए ब्लॉकेड लागू करना था, जबकि दूसरे चरण में सऊदी इकॉनमी की रीढ़ पर हमला करना शामिल है। अरामको ऑयल रिफाइनरी सऊदी अरब की इकॉनमी का मुख्य आधार है और यह दुनिया भर की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक है।

रिफाइनरी को हुआ नुकसान और रणनीतिक नाकाबंदी

स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इंजीनियरिंग की वजह से रिफाइनरी का मुख्य हिस्सा सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन स्टोरेज टैंक एरिया से धुआं उठता देखा गया है, जो साइट के एक बड़े हिस्से को कवर करता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि रिफाइनरी की मेन पाइपलाइन वाले एरिया के ऊपर भी धुएं का गुबार उठ रहा है। हालांकि कॉमन यूटिलिटी एरिया और एक्सपोर्ट जेटी जोन सुरक्षित बताए जा रहे हैं, फिर भी हमले का तेल उत्पादन पर असर पड़ा है। डैमेज हुए हिस्सों की मरम्मत करना अभी एक बड़ा रिस्क है, जिससे तेल प्रोसेसिंग ऑपरेशन लंबे समय तक रुके रह सकते हैं। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में आईआरजीसी के जरिए आउटबाउंड लेन और सेपरेशन जोन में सी माइंस की संख्या बढ़ा दी है। इसके अलावा, बाब अल-मंडेब स्ट्रेट को भी हूतियों ने पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है, जिससे न सिर्फ शिपिंग ट्रैफिक रुका है बल्कि सऊदी तेल पाइपलाइन भी बाधित हो गई है।

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