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ईरान का दावा: अमेरिका में 9/11 जैसी साजिश, तेहरान को फंसाने की आशंका

ईरान का दावा: अमेरिका में 9/11 जैसी साजिश, तेहरान को फंसाने की आशंका
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ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने एक अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाला दावा किया है और लारीजानी के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर 11 सितंबर 2001 (9/11) जैसे एक और बड़े आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है। उनका आरोप है कि इस संभावित हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोषी ठहराना और उसे एक बड़े संकट में फंसाना है। लारीजानी ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जिसने वैश्विक कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

लारीजानी के दावों का विस्तृत विवरण

अली लारीजानी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उन्हें ऐसी खुफिया जानकारी मिली है जो अमेरिका के भीतर एक बड़ी आतंकी घटना की ओर इशारा करती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस साजिश का खाका इस तरह तैयार किया जा रहा है कि घटना के तुरंत बाद इसके तार ईरान से जोड़ दिए जाएं। लारीजानी के अनुसार, ईरान का अमेरिकी नागरिकों के साथ कोई प्रत्यक्ष युद्ध नहीं है और वे ऐसी किसी भी हिंसक कार्रवाई का पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की 'फॉल्स फ्लैग' ऑपरेशंस का इस्तेमाल अक्सर भू-राजनीतिक समीकरणों को बदलने के लिए किया जाता रहा है।

जेफरी एपस्टीन नेटवर्क और सोशल मीडिया थ्योरी

ईरानी अधिकारी ने अपने दावों में दिवंगत अमेरिकी वित्तपोषक जेफरी एपस्टीन के नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों का भी उल्लेख किया है। लारीजानी का तर्क है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग इस तरह की साजिश में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इन व्यक्तियों के नामों का खुलासा नहीं किया और न ही अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश किए। वर्तमान में, इन दावों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सोशल मीडिया पर चल रही एक 'कॉन्स्पिरेंसी थ्योरी' के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि एपस्टीन के पुराने संबंधों का इस्तेमाल इस तरह के गुप्त अभियानों के लिए किया जा सकता है।

लॉस एंजेलिस और यू.एस. बैंक टावर का संदर्भ

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट रिपोर्टों और थ्योरी में एक विशिष्ट लक्ष्य का भी जिक्र किया जा रहा है। एस और बैंक टावर' को निशाना बनाया जा सकता है। यह इमारत लॉस एंजेलिस की सबसे ऊंची और महत्वपूर्ण इमारतों में से एक है। कुछ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने लैरी सिल्वरस्टीन का नाम भी इस चर्चा में घसीटा है, जो 9/11 के समय वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पट्टेदार थे। 5 billion की बड़ी राशि मिली थी। हालांकि, अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह से निराधार बताया है।

9/11 हमले का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुआ आतंकी हमला आधुनिक इतिहास की सबसे भीषण घटनाओं में से एक था। उस दिन अल-कायदा के आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक किया था। इनमें से दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराए थे, एक विमान वर्जीनिया में पेंटागन से टकराया था, और चौथा विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हमले में लगभग 3,000 निर्दोष लोगों की जान गई थी और वैश्विक सुरक्षा नीतियों में आमूलचूल परिवर्तन आया था। ईरान अब इसी तरह की त्रासदी का हवाला देकर अमेरिका को आगाह कर रहा है कि किसी भी नई घटना का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

ईरान का आधिकारिक रुख और सुरक्षा चिंताएं

ईरान के अधिकारियों का कहना है कि वे अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ हैं और किसी भी देश की संप्रभुता के उल्लंघन का समर्थन नहीं करते हैं। लारीजानी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर तनाव चरम पर है। तेहरान का मानना है कि पश्चिमी देशों के कुछ तत्व ईरान की छवि खराब करने के लिए इस तरह की साजिशें रच सकते हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी संकेत दिया है कि वे अपनी सुरक्षा सीमाओं के भीतर पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी बाहरी उकसावे का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

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