वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य सहयोग की अपील की है और ईरान के साथ जारी तनाव के बीच ट्रंप ने चीन, रूस, फ्रांस, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों को संदेश भेजकर अपने युद्धपोत तैनात करने को कहा है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, यह कदम इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खुला रखने और वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित होने से बचाने के लिए आवश्यक है। ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के 15वें दिन ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही इस क्षेत्र में टैंकरों को सुरक्षा प्रदान करना शुरू कर देगी।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए ट्रंप का संदेश
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की है। उन्होंने कहा कि कई देश, विशेष रूप से वे जो ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने के प्रयासों से सीधे प्रभावित होते हैं, उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर काम करना चाहिए। ट्रंप ने आग्रह किया कि इन देशों को जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने के लिए अपने युद्धपोत भेजने चाहिए। उनके अनुसार, चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों का आर्थिक हित इस मार्ग के खुले रहने पर निर्भर है, इसलिए उन्हें सुरक्षा की जिम्मेदारी साझा करनी होगी।
ईरान की सैन्य क्षमता और सुरक्षा चुनौतियां
अपने आधिकारिक बयान में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक प्रभावित हुई है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तेहरान अभी भी इस जलमार्ग में छिटपुट हमले करने की क्षमता रखता है। ट्रंप के अनुसार, चाहे ईरान कितना भी कमजोर क्यों न हो जाए, उसके लिए एक-दो ड्रोन भेजना, समुद्री सुरंगें (माइन्स) बिछाना या कम दूरी की मिसाइलें दागना संभव है और इसी खतरे को देखते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक उपस्थिति की आवश्यकता पर बल दिया है ताकि किसी भी कृत्रिम अवरोध को तुरंत हटाया जा सके।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़ी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जलमार्ग को बाधित करने का प्रयास किया गया, तो अमेरिका अत्यधिक बल का प्रयोग करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान की तटरेखा पर बमबारी करने और ईरानी नौकाओं व जहाजों को डुबोने के लिए तैयार है और ट्रंप ने कसम खाई कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हर हाल में खुला और मुक्त रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है और इसके लिए निरंतर सैन्य निगरानी रखी जा रही है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अधिकारियों के अनुसार, दुनिया के कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग 20% से अधिक हिस्सा इसी मार्ग से जाता है। ट्रंप ने तर्क दिया कि इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे निपटने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयास अनिवार्य हैं।
क्षेत्रीय तनाव और भविष्य की रणनीति
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने मध्य पूर्व में अस्थिरता पैदा कर दी है और ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान इस अस्थिरता का लाभ उठाकर जलमार्ग को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि उनकी रणनीति केवल रक्षात्मक नहीं होगी, बल्कि वे आक्रामक रुख अपनाकर ईरान की नौसैनिक गतिविधियों को नियंत्रित करेंगे। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका जल्द ही इस क्षेत्र में पूर्ण सुरक्षा बहाल कर देगा और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को बिना किसी डर के सुनिश्चित किया जाएगा।