ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने रविवार को दावा किया कि उसने इस्फहान परमाणु केंद्र के पास अमेरिकी सेना के एक सी-130 सपोर्ट एयरक्राफ्ट को मार गिराया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय की गई जब अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने इस्फहान स्थित परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना बनाने का प्रयास किया। पिछले 36 घंटों में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को हुए नुकसान की श्रृंखला में यह नवीनतम घटना बताई जा रही है।
इस्फहान में सी-130 विमान पर कार्रवाई का विवरण
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी इस्फहान में तैनात पुलिस विशेष बलों ने भारी गोलाबारी के माध्यम से अमेरिकी सी-130 विमान को नष्ट कर दिया। ईरान के कानून प्रवर्तन कमांड (फ़राज़ा) के सूचना केंद्र ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, यह विमान उस समय क्षेत्र में सक्रिय था जब इस्फहान परमाणु केंद्र पर हमला करने की कोशिश की जा रही थी। इसी क्षेत्र में कुछ समय पहले एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया गया है।
परमाणु केंद्र पर पांचवां बड़ा हमला
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने रविवार को पांचवीं बार इस्फहान परमाणु केंद्र को निशाना बनाया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) द्वारा परमाणु स्थलों पर सैन्य हमले न करने की बार-बार की गई अपीलों के बावजूद यह कार्रवाई की गई। ईरान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। इस्फहान ईरान का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र है, जहां उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण इकाइयां स्थित हैं।
पिछले 36 घंटों में सैन्य नुकसान का दावा
ईरानी सैन्य सूत्रों के अनुसार, पिछले 36 घंटों में अमेरिकी वायुसेना को भारी क्षति हुई है। आईआरजीसी ने दावा किया है कि उन्होंने अब तक एक एफ-35, दो एफ-15, एक एफ-16 और एक ए-10 विमान को मार गिराया है। इसके अतिरिक्त, कई हेलीकॉप्टर, एमक्यू-9 ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट करने की बात कही गई है। इन घटनाओं के दौरान दो अमेरिकी पायलटों के इजेक्ट करने की सूचना मिली थी, जिनमें से एक को पहले ही बचा लिया गया था और दूसरे लापता पायलट को भी अमेरिका द्वारा खोज लिए जाने की खबर है।
रेडियोएक्टिव विकिरण और क्षेत्रीय सुरक्षा की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्फहान पर हुए हमलों के बाद गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि परमाणु केंद्र पर बार-बार होने वाले हमलों से मध्य-पूर्व क्षेत्र में रेडियोएक्टिव विकिरण फैलने का खतरा पैदा हो गया है। अराघची के अनुसार, यदि परमाणु रिसाव होता है, तो इसका प्रभाव सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, ओमान और कतर जैसे पड़ोसी देशों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति पूरे क्षेत्र में जनजीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
इस घटनाक्रम के बाद पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। जहां ईरान अपनी रक्षात्मक क्षमताओं और जवाबी कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष के व्यापक युद्ध में बदलने की आशंका से चिंतित है और आईएईए ने स्पष्ट किया है कि परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले से न केवल पर्यावरणीय आपदा आ सकती है, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा ढांचे को भी अस्थिर कर सकता है। फिलहाल इस्फहान और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।