नेपाल में पेट्रोलियम उत्पादों की तीव्र कमी और वैश्विक बाजार में आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों के बीच बालेन शाह सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। सरकार ने देश भर के सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में सप्ताह में दो दिन के अवकाश की व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। इस नए नियम के तहत अब शनिवार के साथ-साथ रविवार को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। यह निर्णय मुख्य रूप से ईंधन की खपत को कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
साप्ताहिक अवकाश और कार्यालय समय में परिवर्तन
नेपाल सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में कार्य दिवसों और समय सारिणी में बड़े बदलावों को मंजूरी दी गई है। अब सरकारी दफ्तरों का संचालन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सुनिश्चित किया गया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था आगामी सोमवार से प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी। सरकार का मानना है कि सप्ताह में दो दिन कार्यालय बंद रहने से सरकारी वाहनों के संचालन में कमी आएगी, जिससे सीधे तौर पर पेट्रोल और डीजल की बचत होगी।
वैश्विक तनाव और ईंधन आपूर्ति पर प्रभाव
नेपाल में उत्पन्न इस संकट की जड़ें अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक स्थितियों से जुड़ी हुई हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति में अस्थिरता देखी जा रही है। नेपाल, जो अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है, इस संकट से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सरकार ने इस स्थिति को एक आपातकालीन चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए खपत को नियंत्रित करने के लिए यह नीतिगत कदम उठाया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई कानूनी रूपरेखा
ईंधन संकट के दीर्घकालिक समाधान के रूप में बालेन शाह सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। कैबिनेट की बैठक में पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल के अनुसार, वर्तमान में पुराने वाहनों के रूपांतरण के लिए पंजीकरण, नवीकरण और तकनीकी मानकों से संबंधित स्पष्ट कानूनों का अभाव है और सरकार ने संबंधित निकायों को निर्देश दिया है कि वे इन कानूनी अड़चनों को दूर करें ताकि वाहन मालिक आसानी से अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक मोड में बदल सकें।
पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य
सरकार के इस निर्णय के पीछे केवल आर्थिक कारण ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय उद्देश्य भी शामिल हैं। मंत्रिपरिषद की बैठक में यह रेखांकित किया गया कि ईंधन की खपत कम करने से कार्बन उत्सर्जन में गिरावट आएगी, जो नेपाल के पर्यावरण संरक्षण लक्ष्यों के अनुरूप है। प्रवक्ता पोखरेल ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने से नेपाल की नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से जलविद्युत के उपयोग में वृद्धि होगी। इससे पेट्रोलियम आयात पर देश की निर्भरता कम होगी और घरेलू ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
प्रशासनिक चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार ने सभी विभागीय प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। तकनीकी मानकों और पंजीकरण प्रक्रियाओं में सुधार के लिए एक विशेष कार्यबल के गठन पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार का प्राथमिक फोकस वर्तमान में उपलब्ध ईंधन के स्टॉक को आवश्यक सेवाओं के लिए सुरक्षित रखना है। अधिकारियों के अनुसार, जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यह दो दिवसीय अवकाश की व्यवस्था जारी रह सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित न हो, इसके लिए कार्य दिवसों के दौरान अतिरिक्त समय तक कार्यालय खुले रखने का प्रावधान किया गया है।