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ईरान-इजराइल संघर्ष: मिडिल ईस्ट में वैश्विक ब्रांड्स के स्टोर बंद, कारोबार प्रभावित

ईरान-इजराइल संघर्ष: मिडिल ईस्ट में वैश्विक ब्रांड्स के स्टोर बंद, कारोबार प्रभावित
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मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच 28 फरवरी से जारी सैन्य संघर्ष ने अब वैश्विक व्यापारिक गतिविधियों को अपनी चपेट में ले लिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सैन्य ठिकानों और तेल-गैस संयंत्रों के साथ-साथ अब वैश्विक ब्रांड्स के स्टोर और सर्विस सेंटर भी इस युद्ध के कारण बंद हो रहे हैं और ईरान द्वारा इजराइल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए जा रहे हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन में प्रमुख ई-कॉमर्स और रिटेल कंपनियों का संचालन ठप हो गया है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जिसमें अमेरिका और इजराइल की ओर से की गई कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। ईरान की ओर से इजराइल पर सीधे मिसाइल हमले किए जा रहे हैं, जबकि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस सैन्य तनाव का सीधा असर मिडिल ईस्ट के रिटेल और लग्जरी ब्रांड मार्केट पर पड़ा है। रॉयटर्स का दावा है कि युद्ध शुरू होने के शुरुआती 24 घंटे के भीतर ही कई वैश्विक ब्रांड्स ने अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं।

अमेजन के डेटा सेंटर और वेयरहाउस पर प्रभाव

ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन को इस संघर्ष में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन में स्थित अमेजन के डेटा सेंटरों पर हमले हुए हैं, जिससे कंपनी का डिजिटल बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, अमेजन ने अबू धाबी में अपना प्रमुख वेयरहाउस बंद कर दिया है, जिससे क्षेत्र में डिलीवरी सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई हैं। कंपनी ने सऊदी अरब और जॉर्डन में भी अपने कर्मचारियों को सुरक्षा के मद्देनजर घरों के अंदर रहने के निर्देश जारी किए हैं।

लग्जरी रिटेल और चालहौब ग्रुप का परिचालन

मिडिल ईस्ट में लग्जरी ब्रांड्स का प्रबंधन करने वाले चालहौब ग्रुप ने भी अपने परिचालन में कटौती की है। वर्साचे, जिमी चू और सेफोरा जैसे ब्रांड्स के करीब 900 स्टोर संचालित करने वाले इस ग्रुप ने पुष्टि की है कि बहरीन में उनके सभी स्टोर बंद कर दिए गए हैं। हालांकि यूएई, सऊदी अरब और जॉर्डन में कुछ स्टोर खुले हैं, लेकिन वहां स्टाफ की संख्या में भारी कमी की गई है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, हमलों के डर से बाजारों से ग्राहक नदारद हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई हैं।

टेक और फैशन ब्रांड्स पर तालाबंदी का असर

एप्पल और एचएंडएम (H&M) जैसे प्रमुख ब्रांड्स ने भी अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं। एप्पल की वेबसाइट के अनुसार, दुबई में उसके स्टोर गुरुवार सुबह तक बंद रहेंगे। वहीं, स्वीडिश फैशन रिटेलर एचएंडएम ने बहरीन और इजराइल में अपने स्टोर बंद करने की घोषणा की है और कंज्यूमर गुड्स ग्रुप रेकिट ने भी मिडिल ईस्ट में अपने सभी कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' लागू कर दिया है और बहरीन में अपनी मैन्युफैक्चरिंग साइट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके साथ ही क्षेत्र में सभी व्यावसायिक यात्राओं पर रोक लगा दी गई है।

शेयर बाजार में गिरावट और सुरक्षा उपाय

युद्ध के कारण वैश्विक लग्जरी समूहों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई है। 7% तक की गिरावट देखी गई। इस बीच, यूएई सरकार स्थिति को सामान्य करने के प्रयास कर रही है। जनता के बीच विश्वास बहाली के लिए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने दुबई मॉल का दौरा किया। उन्होंने वहां सार्वजनिक रूप से समय बिताकर यह संदेश देने की कोशिश की कि स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि सुरक्षा चिंताओं के कारण व्यापारिक प्रतिष्ठान अभी भी सतर्कता बरत रहे हैं।

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